सरहद पर गूंजा महिला सशक्तिकरण का नारा, भारत-नेपाल की महिलाओं ने मिलाया हाथ

सरहद पर गूंजा महिला सशक्तिकरण का नारा

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस. एसएसबी 134 नंबर पिलर पर आयोजित हुआ विशेष जागरूकता कार्यक्रम, 52 महिलाएं शामिल

दिघलबैंक. भारत-नेपाल सीमा पर तैनात एसएसबी 12वीं वाहिनी की बी समवाय दिघलबैंक द्वारा रविवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर एक मिसाल पेश की गयी. सीमा स्तंभ संख्या 134 के समीप स्थित जांच चौकी पर ”संदीक्षा” सदस्यों व सीमावर्ती क्षेत्र की महिलाओं के लिए विशेष व्याख्यान एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम ने न केवल महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जगाया, बल्कि दोनों मित्र राष्ट्रों के बीच सौहार्द की नयी इबारत भी लिखी.

दोनों देशों की महिलाओं की दिखी एकजुटता

कार्यक्रम की खास बात यह रही कि इसमें भारत के साथ-साथ पड़ोसी देश नेपाल की महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. सीमा के दोनों ओर से कुल 52 महिलाएं इस आयोजन का हिस्सा बनीं, जिनमें भारत की 27 व नेपाल की 25 महिलाएं शामिल थीं. इस दौरान सरहद पर आपसी सहयोग, भाईचारा व साझा संस्कृति का अनूठा संदेश देखने को मिला.

बाल विवाह व मानव तस्करी के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान

दिघलबैंक पंचायत की मुखिया पूनम देवी ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि सशक्त समाज के लिए महिलाओं का शिक्षित और आत्मनिर्भर होना अनिवार्य है. उन्होंने बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं को जड़ से मिटाने व मानव तस्करी व बाल मजदूरी जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ सतर्क रहने की अपील की. वहीं, एनजीओ प्रतिनिधि रंजनी कुमारी ने भी महिलाओं को सामाजिक विकास में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया.

नेपाली प्रतिनिधियों ने भी साझा किए विचार

नेपाल की ओर से रेडक्रॉस एनजीओ की प्रतिनिधि पूजा कुमारी व जन निर्माण केंद्र की संगीता कुमारी ने स्वास्थ्य, शिक्षा व सशक्तिकरण के महत्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में इस तरह के आयोजनों से महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ता है. उपस्थित महिलाओं ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे अपने लिए अत्यंत उपयोगी बताया.

एसएसबी का संकल्प : जागरूक व सुरक्षित सीमा

कार्यक्रम के अंत में सभी महिलाओं ने समाज में अपनी भूमिका को मजबूत करने का संकल्प लिया. मौके पर मौजूद सहायक कमांडेंट प्रियरंजन चकमा ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्र की महिलाओं को जागरूक व आत्मनिर्भर बनाना एसएसबी के मुख्य उद्देश्यों में शामिल है. सुरक्षा के साथ-साथ सामाजिक उत्थान के लिए बल द्वारा समय-समय पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे.

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By AWADHESH KUMAR

AWADHESH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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