एनएच 327ई के आरओबी पर मंडरा रहा मौत का साया, 4 दिनों से अंधेरे में खड़ा है दुर्घटनाग्रस्त ट्रक

डीसीएलआर स्तर पर लंबित वर्ष 1999-2000 के मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निष्पादित करने का निर्देश दिया गया.

ठाकुरगंज

ठाकुरगंज होकर गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-327ई पर स्थित रेलवे ओवरब्रिज इन दिनों गंभीर सड़क हादसों का केंद्र बना हुआ है. बीते शुक्रवार को एक सड़क दुर्घटना में क्षतिग्रस्त हुआ एक ट्रक हादसे के चार दिन बीत जाने के बाद भी पुल के ऊपर उसी खतरनाक स्थिति में लावारिस खड़ा है. सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस व्यस्त ओवरब्रिज पर शुरू से ही स्ट्रीट लाइटिंग की कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे रात होते ही पूरा पुल घने अंधेरे में डूब जाता है. ऊपर से इलाके में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने स्थिति को और अधिक भयावह बना दिया है.

कम विजिबिलिटी में मौत का जाल बना ट्रक, अचानक ब्रेक मार रहे वाहन चालक

स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और वाहन चालकों के अनुसार मानसून पूर्व की मूसलाधार बारिश के दौरान दिन और रात दोनों समय विजिबिलिटी (दृश्यता) बेहद कम हो जाती है. धुंध और तेज बारिश के कारण पुल पर बीच रास्ते में खड़ा यह क्षतिग्रस्त ट्रक दूर से आने वाले वाहनों को बिल्कुल दिखाई नहीं देता. इस व्यस्त नेशनल हाईवे से रात के समय बेहद तेज रफ्तार में भारी वाहन और गाड़ियां गुजरती हैं, जिनके लिए यह अंधा मोड़ और लावारिस ट्रक किसी डेथ ट्रैप से कम नहीं है. रात के समय कई बाइक और कार चालक जब अचानक इस विशालकाय ट्रक को एकदम नजदीक देखते हैं, तो घबराहट में अचानक ब्रेक मारते हैं, जिससे उनके वाहन अनियंत्रित होकर पलटने से बाल-बाल बच रहे हैं.

प्रशासन और एनएचएआई की घोर लापरवाही, नहीं लगाया कोई इंडिकेटर

स्थानीय ग्रामीणों ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और स्थानीय प्रशासन पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि दुर्घटना के चार दिन बाद भी न तो इस कबाड़ हो चुके ट्रक को टोंग (क्रेन) कर हटाने की कोई गंभीर पहल की गई और न ही सुरक्षा के दृष्टिकोण से वहां कोई रिफ्लेक्टर, चेतावनी संकेत (साइन बोर्ड) या बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई. इस प्रशासनिक उदासीनता के कारण हर गुजरते पल के साथ यहां किसी बड़े एक्सीडेंट की आशंका बलवती होती जा रही है.

बिना लाइटिंग के सुलग रहा जनआक्रोश, बड़े आंदोलन की सुगबुगाहट

लोगों का कहना है कि एनएच-327ई जैसे महत्वपूर्ण अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय संपर्क मार्ग वाले व्यस्त हाईवे के आरओबी पर शुरुआत से ही रोशनी का पुख्ता प्रबंध न होना विभाग की कार्यशैली पर बड़ा सवालिया निशान है. अब इस खतरनाक मलबे के खड़े रहने के बावजूद संबंधित अधिकारियों की चुप्पी से स्थानीय जनता में भारी आक्रोश पनप रहा है. इस दौरान ठाकुरगंज के सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन तथा एनएचएआई के वरीय अधिकारियों मांग की है कि पुल पर खड़े इस दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को क्रेन की मदद से तत्काल हाईवे से हटाकर रास्ता साफ किया जाए. मानसून की भारी बारिश को देखते हुए पूरे आरओबी पर अविलंब हाई-मास्ट लाइट या स्ट्रीट लाइटें चालू की जाएं. जब तक लाइट नहीं लगती, तब तक वहां रात में रिफ्लेक्टिव डेंजर साइन और पुलिस बैरिकेड्स लगाए जाएं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: VINOD RAO

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >