Thakurganj Storm: ठाकुरगंज (किशनगंज) से बच्छराज नखत की रिपोर्ट: ठाकुरगंज प्रखंड अंतर्गत भातगांव पंचायत के बंदरबारी गांव में बीती रात आए भीषण आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है. चक्रवाती हवाओं के तांडव के बीच गांव के निवासी गोविंद पासवान के रिहायशी मकान पर अचानक एक विशालकाय बरगद का पेड़ जड़ से उखड़कर गिर पड़ा. पेड़ गिरने की तीव्रता इतनी अधिक थी कि पूरा मकान मलबे के ढेर में तब्दील हो गया और पीड़ित परिवार बेघर हो गया है.
आधी रात को चरमराकर गिरा पेड़, चीख-पुकार के बीच भागे परिजन
ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, बीती रात अचानक मौसम का मिजाज बदला और तेज गर्जना के साथ धूलभरी आंधी चलने लगी. इसी दौरान जब गोविंद पासवान का परिवार घर के भीतर सोया हुआ था, तभी मकान के समीप स्थित पुराना बरगद का पेड़ तेज हवाओं के झोंके को बर्दाश्त नहीं कर सका और अचानक चरमराकर सीधे घर की छत पर आ गिरा.
पेड़ गिरने की डरावनी आवाज और कड़कड़ाहट सुनकर घर के अंदर सो रहे सदस्यों की नींद खुल गई. सभी ने सूझबूझ दिखाई और ढहते हुए मकान से किसी तरह भागकर समय रहते बाहर निकल गए. इस फुर्ती के कारण परिवार का हर सदस्य बाल-बाल बच गया, वरना कोई बड़ी जनहानि हो सकती थी.
खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर परिवार, मलबे में दबा राशन-सामान
विशाल पेड़ गिरने की जोरदार आवाज सुनकर आसपास के दर्जनों ग्रामीण टॉर्च लेकर मौके पर दौड़े. ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए मलबे और डालियों के बीच घिरे पीड़ित परिवार को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया.
इस आपदा के बाद गोविंद पासवान का आशियाना पूरी तरह नष्ट हो चुका है और वे इस आपदा के बाद खुले आसमान के नीचे रहने को विवश हैं. घर के भीतर रखा अनाज, कपड़े, बर्तन और अन्य कीमती सामान भारी-भरकम मलबे और डालियों के नीचे दबकर पूरी तरह नष्ट हो चुका है, जिससे परिवार के सामने अब दाने-दाने का संकट खड़ा हो गया है.
गांव में कई जगह टूटे बिजली के तार, मुआवजे की गुहार
बंदरबारी गांव के ग्रामीणों ने बताया कि इस तेज आंधी-तूफान के कारण गांव में केवल यही पेड़ नहीं गिरा, बल्कि कई अन्य जगहों पर भी पेड़ और बिजली के पोल व तार टूटकर गिर गए हैं. इसके चलते पूरे इलाके की बिजली आपूर्ति ठप हो गई है और ग्रामीणों के बीच दहशत का माहौल बना हुआ है.
स्थानीय मुखिया, सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, अंचल अधिकारी (CO) और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से पीड़ित गरीब परिवार की सुध लेने की पुरजोर मांग की है. ग्रामीणों ने मांग की है कि:
- पीड़ित परिवार को तत्काल रहने के लिए तिरपाल और सरकारी सहायता (राशन-सामान) दी जाए.
- राजस्व कर्मचारी को मौके पर भेजकर नुकसान का आकलन (सर्वे) कराया जाए और आपदा राहत कोष से उचित मुआवजा राशि जल्द से जल्द ट्रांसफर की जाए.
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