ठाकुरगंज स्टेशन पर पेयजल संकट, डायवर्ट ट्रेनों के यात्री पानी को तरसे

Thakurganj Railway Station: किशनगंज जिले के ठाकुरगंज रेलवे स्टेशन पर अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चल रहे जीर्णोद्धार कार्य के बीच एक बड़ी प्रशासनिक लापरवाही सामने आई है. बुधवार को एनजेपी-मालदा रेलखंड पर रूट डायवर्ट होने के कारण ठाकुरगंज पहुंचीं दो महत्वपूर्ण एक्सप्रेस ट्रेनों के सैकड़ों यात्री बूंद-बूंद पानी के लिए तरस गए, जिससे स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया.

ठाकुरगंज (किशनगंज) से बच्छराज नखत की रिपोर्ट

Thakurganj Railway Station: भारतीय रेलवे जहां एक तरफ ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत करोड़ों रुपए खर्च कर स्टेशनों को विश्वस्तरीय और अत्याधुनिक बनाने का कड़ा दावा कर रही है, वहीं दूसरी तरफ कटिहार रेल मंडल के ठाकुरगंज रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की बुनियादी सुविधाओं की घोर अनदेखी की जा रही है. बुधवार को ठाकुरगंज स्टेशन पर पुनर्विकास (Construction Work) के कारण यात्रियों को कड़े पेयजल संकट का सामना करना पड़ा. दरअसल, रूट डायवर्जन के कारण अचानक दो लंबी दूरी की ट्रेनें ठाकुरगंज स्टेशन पर आकर रुकीं, लेकिन प्लेटफॉर्म पर स्थायी पेयजल स्टैंड (टैब) न होने के कारण भीषण गर्मी में पानी भरने के लिए यात्रियों के बीच भारी भागदौड़ मच गई.

गरीब नवाज और अमृत भारत एक्सप्रेस के यात्री परेशान; 3 नलों पर लगी लंबी कतारें

  • इन दो ट्रेनों के यात्री हुए त्रस्त: सबसे पहले अजमेर से किशनगंज-ठाकुरगंज होकर आने वाली गरीब नवाज एक्सप्रेस और उसके ठीक बाद पनवेल से अलीपुरद्वार के बीच चलने वाली अमृत भारत एक्सप्रेस डायवर्ट होकर ठाकुरगंज स्टेशन पहुंची. इन ट्रेनों में सवार हजारों यात्री लंबी दूरी का सफर तय कर रहे थे, जिन्हें पानी की सख्त जरूरत थी.
  • स्थायी वाटर स्टैंड गायब: स्टेशन के कायाकल्प के नाम पर पहले से स्थापित सभी स्थायी पेयजल स्टैंडों को कड़ाई से उखाड़ दिया गया है, लेकिन उनके स्थान पर कोई ठोस वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई.
  • सीमित अस्थायी व्यवस्था: वर्तमान में पूरे प्लेटफॉर्म और स्टेशन परिसर को मिलाकर केवल तीन अस्थायी नल ही चालू हालत में हैं, जो प्रतिदिन गुजरने वाली सामान्य पैसेंजर ट्रेनों के लिए भी नाकाफी हैं.

ठाकुरगंज स्टेशन का वर्तमान ढांचागत और संकट ब्योरा

बिना पानी लिए खुली ट्रेन: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब दोनों एक्सप्रेस ट्रेनें प्लेटफॉर्म पर खड़ी हुईं, तो इन तीन नलों पर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की कड़े संघर्ष वाली लंबी कतारें लग गईं. चूंकि एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव (Stoppage Time) बेहद सीमित था, इसलिए कई यात्री पानी के लिए कतार में खड़े ही रह गए और ट्रेन के हॉर्न बजाने पर उन्हें बिना पानी भरे ही बदहवास स्थिति में वापस बोगियों में दौड़ना पड़ा.

वर्तमान विकास योजना का नामस्टेशन पर चल रहा मुख्य कार्यचालू अस्थायी नलों की संख्याप्रभावित मुख्य एक्सप्रेस ट्रेनें (बुधवार)
अमृत भारत स्टेशन योजना* प्लेटफॉर्म एवं भवन का जीर्णोद्धार
* पुराना इंफ्रास्ट्रक्चर हटाना
केवल 03 नल* अजमेर-किशनगंज गरीब नवाज एक्सप्रेस
* पनवेल-अलीपुरद्वार अमृत भारत एक्सप्रेस

” विकास का स्वागत, पर मूलभूत सुविधाओं से समझौता मंजूर नहीं ”

अमित सिन्हा, वार्ड पार्षद

इस गंभीर अव्यवस्था और रेल यात्रियों की कड़क परेशानी को लेकर ठाकुरगंज रेल यात्री समिति के सचिव सह स्थानीय वार्ड पार्षद अमित सिन्हा ने रेलवे प्रशासन, कटिहार डीआरएम (DRM) और स्टेशन प्रबंधक से तत्काल हस्तक्षेप करने की पुरजोर मांग की है.

वार्ड पार्षद अमित सिन्हा ने कड़े लहजे में कहा कि अमृत भारत योजना के तहत ठाकुरगंज स्टेशन का आधुनिकीकरण होना बेहद स्वागतयोग्य कदम है, लेकिन निर्माण अवधि (Construction Phase) के दौरान यात्रियों की प्यास बुझाने जैसी मूलभूत और संवेदनशील सुविधाओं से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जा सकता. डायवर्ट ट्रेनों के कारण स्टेशन पर अचानक यात्रियों की संख्या में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हो रही है, ऐसे में रेलवे को प्लेटफॉर्म पर तुरंत अतिरिक्त सिंटैक्स टैंक और अस्थायी वाटर वेंडिंग मशीनें स्थापित करनी चाहिए.

स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने रेल प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर ठाकुरगंज स्टेशन पर अतिरिक्त जलापूर्ति केंद्र क्रियाशील नहीं किए गए, तो यात्री समिति रेल अधिकारियों के खिलाफ कड़ा विरोध प्रदर्शन दर्ज कराने को बाध्य होगी.

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लेखक के बारे में

Published by: Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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