रात होते ही अंधेरे के आगोश में समा जाता है ठाकुरगंज ROB, सुरक्षा पाइपों की चोरी से बढ़ा हादसों का खतरा

Railway Over Bridge: किशनगंज जिले के ठाकुरगंज रेलवे ओवर ब्रिज (ROB) पर प्रशासनिक लापरवाही के कारण अब तक स्ट्रीट लाइट नहीं लगाई जा सकी है. इस घने अंधेरे का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व पुल के किनारे लगे लोहे के सुरक्षा पाइप (क्रैश बैरियर) काटकर चोरी कर रहे हैं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों की जान जोखिम में पड़ गई है.

ठाकुरगंज (किशनगंज) से बच्छराज नखत की रिपोर्ट

Railway Over Bridge: ठाकुरगंज शहर को जोड़ने वाले अति-महत्वपूर्ण रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) पर इन दिनों सफर करना खतरे से खाली नहीं रह गया है. लाखों-करोड़ों की लागत से बने इस ओवरब्रिज पर रात होते ही घुप अंधेरा छा जाता है, क्योंकि निर्माण के लंबे समय बाद भी यहाँ अब तक लाइट की बुनियादी व्यवस्था नहीं की गई है. इसी घने अंधेरे और प्रशासनिक निगरानी के अभाव का फायदा उठाकर चोरों और असामाजिक तत्वों ने पुल को अपनी चारागाह बना लिया है. पुल के दोनों किनारों पर हादसों से बचाने के लिए लगाए गए ‘लोहे के सुरक्षा पाइप’ (क्रैश बैरियर) को काटकर लगातार गायब किया जा रहा है. इस गंभीर सरकारी संपत्ति की चोरी और असुरक्षित पुल ने स्थानीय नागरिकों के बीच भारी चिंता और आक्रोश पैदा कर दिया है.

गायब हो रहे क्रैश बैरियर; सिर्फ सपोर्ट ब्रैकेट देखकर सहम रहे हैं लोग

  • लोहे के कीमती पाइपों पर हाथ साफ: ग्राउंड जीरो से मिली रिपोर्ट के अनुसार, पुल के ढलान और घुमावों पर लगे सुरक्षा पाइपों के कई हिस्से गायब हो चुके हैं. कई जगहों पर केवल कंक्रीट के पिलर और लोहे के ‘सपोर्ट ब्रैकेट’ बचे रह गए हैं, जबकि उनके बीच पिरोए गए मजबूत सुरक्षा पाइप नदारद हैं.
  • चोरी के पीछे अंधेरे का खेल: स्थानीय लोगों का सीधा आरोप है कि पुल पर प्रकाश (स्ट्रीट लाइट) की कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण रात 8 बजे के बाद सन्नाटा पसर जाता है. इसी का फायदा उठाकर कबाड़ चोर आरी और कटर मशीन से धीरे-धीरे सरकारी लोहे की चोरी कर रहे हैं.

रोजाना गुजरते हैं हजारों वाहन; किसी दिन हो सकता है बड़ा हादसा

लाइफ-सेविंग बैरियर ही गायब: राहगीरों का कहना है कि यह सुरक्षा पाइप केवल कोई सजावटी ढांचा नहीं है. यदि रात के अंधेरे में कोई तेज रफ्तार बाइक या अनियंत्रित ट्रक संतुलन खोता है, तो यह क्रैश बैरियर ही वाहन को सीधे नीचे रेलवे ट्रैक पर या खाई में गिरने से रोकता है. ऐसे में सुरक्षा कवच के ही गायब हो जाने से पुल के मोड़ों पर जानलेवा खाई जैसी स्थिति बन गई है.

रात के समय लो-विजिबिलिटी (कम दृश्यता) के कारण छोटी गाड़ियों और बाइक सवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे किसी भी दिन एक भीषण दुर्घटना होने से इनकार नहीं किया जा सकता.

प्रशासनिक मुस्तैदी और गश्त बढ़ाने की मांग:

  1. एलईडी स्ट्रीट लाइट: पूरे आरओबी पर अविलंब कतारबद्ध तरीके से हाई-मास्ट या सोलर एलईडी स्ट्रीट लाइटें स्थापित की जाएं, ताकि पुल रोशनी से जगमगा सके.
  2. पाइपों की मरम्मत: चोरी हो चुके तमाम लोहे के सुरक्षा पाइपों को वेल्डिंग तकनीक के साथ दोबारा मजबूती से स्थापित किया जाए.
  3. काकी गश्त: ठाकुरगंज थाना पुलिस रात के समय इस पुल पर नियमित गश्त (पेट्रोलिंग) सुनिश्चित करे, ताकि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले और नशेड़ियों के जमावड़े पर कड़ा कानूनी शिकंजा कसा जा सके. स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई, तो वे सड़क जाम कर आंदोलन करने को बाध्य होंगे.

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लेखक के बारे में

Published by: Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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