किशनगंज से गौरव कुमार की रिपोर्ट
Birthday Plantation: बिहार के सीमावर्ती जिले किशनगंज के टेढ़ागाछ प्रखंड में गुरुवार को एक बेहद अनुकरणीय और सकारात्मक तस्वीर सामने आई. टेढ़ागाछ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार ने अपने जन्मदिवस को किसी तामझाम या चकाचौंध के बजाय पर्यावरण की शुचिता को समर्पित करते हुए मनाया. उन्होंने पीएचसी परिसर और स्थानीय प्रसिद्ध काली मंदिर प्रांगण में विभिन्न प्रजातियों के फलदार पौधों का रोपण किया. डॉक्टर साहब की इस अनूठी और रचनात्मक पहल की पूरे प्रखंड क्षेत्र में काफी सराहना की जा रही है और लोग इसे समाज के लिए एक प्रेरणादायक कदम बता रहे हैं.
“केवल पौधे लगाना काफी नहीं, संरक्षण भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी”: डॉ. प्रमोद कुमार
पौधारोपण के उपरांत उपस्थित स्वास्थ्य कर्मियों और स्थानीय नागरिकों को संबोधित करते हुए प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार ने वृक्षों के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला:
- जीवन का आधार हैं वृक्ष: उन्होंने कहा कि आज के आधुनिक दौर में बढ़ती ग्लोबल वार्मिंग, प्रदूषण और पर्यावरणीय चुनौतियों के बीच मानव जीवन के अस्तित्व को बचाए रखने के लिए पौधे लगाना सबसे जरूरी काम बन गया है.
- विशेष अवसरों को बनाएं यादगार: डॉ. प्रमोद ने आम जनता और युवाओं से अपील की कि वे अपने जीवन के हर खास अवसर, जैसे—जन्मदिन, शादी की वर्षगांठ या अपनों की स्मृति में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं, ताकि आने वाली पीढ़ियों को एक स्वच्छ, सुरक्षित और ऑक्सीजन युक्त वातावरण मिल सके.
- लिया संरक्षण का संकल्प: चिकित्सा पदाधिकारी ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि केवल फोटो खिंचवाने या औपचारिकता के लिए पौधे लगाना पर्याप्त नहीं है. उन्होंने रोपे गए सभी पौधों को नियमित रूप से पानी देने, उनकी घेराबंदी (ट्री-गार्ड) करने और उन्हें पूरी तरह से बड़ा करने का व्यक्तिगत व सामूहिक संकल्प भी लिया.
सहकर्मियों और स्थानीय गणमान्य लोगों ने दी बधाई; क्षेत्र में पहल की हो रही प्रशंसा
इस सादे और गरिमामय पर्यावरण उत्सव के दौरान पीएचसी के अन्य सहायक चिकित्सक, एएनएम, जीएनएम, स्वास्थ्य प्रबंधक और बड़ी संख्या में स्थानीय प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे. सभी सहकर्मियों और क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने डॉ. प्रमोद कुमार को गुलदस्ता भेंट कर और माला पहनाकर उनके जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं दीं और उनके स्वस्थ व दीर्घायु जीवन की कामना की.
वहां मौजूद लोगों ने डॉक्टर साहब की इस पहल से प्रभावित होकर खुद भी अपने-अपने घरों और खेतों के आसपास अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी मुस्तैदी से देखभाल करने का सामूहिक संकल्प लिया. स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि एक जिम्मेदार प्रशासनिक पद पर रहते हुए समाज को इस तरह की सीख देना स्वास्थ्य सेवा के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण में भी एक सराहनीय योगदान है.
