पौआखाली से रणविजय की रिपोर्ट
Standing Committee Election: किशनगंज जिले के नगर पंचायत पौआखाली में शनिवार का दिन स्थानीय राजनीति के लिहाज से बेहद ऐतिहासिक और एक बड़े सर्वसम्मत फैसले का गवाह बना. नगर पंचायत कार्यालय में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार तीन सदस्यीय ‘सशक्त स्थायी समिति’ का गठन चुनाव प्रक्रिया के माध्यम से होना तय था. लेकिन, ऐन वक्त पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने कूटनीतिक और राजनीतिक कुशलता का परिचय देते हुए मतदान की नौबत नहीं आने दी. नगर पंचायत के सभी 11 वार्ड पार्षदों ने आपसी बिसात और आम सहमति के आधार पर निर्विरोध तरीके से तीन महिला पार्षदों को समिति के सदस्य के रूप में चुन लिया, जिससे चुनावी सरगर्मी पर पूरी तरह विराम लग गया.
ये तीन महिला पार्षद बनीं समिति की सदस्य, प्रशासनिक अमला रहा मौजूद
सशक्त स्थायी समिति के इस महत्वपूर्ण निर्विरोध निर्वाचन की मुख्य रूपरेखा और प्रशासनिक विवरण निम्नलिखित है:
- निर्वाचित सदस्यों के नाम व वार्ड:
- रूबी परवीन – वार्ड पार्षद, वार्ड संख्या 02
- सेहरून निशा – वार्ड पार्षद, वार्ड संख्या 03
- संजीदा खातून – वार्ड पार्षद, वार्ड संख्या 11
- अधिकारियों की मुस्तैदी: यह पूरी निर्वाचन प्रक्रिया निर्वाची पदाधिकारी सह अपर समाहर्ता (ADM) सुनीता कुमारी और सहायक निर्वाची पदाधिकारी सह बीडीओ (BDO) दिघलबैंक, बाप्पी ऋषि की प्रत्यक्ष देखरेख में विधिक रूप से संपन्न कराई गई. इस दौरान नगर पंचायत की कार्यपालक पदाधिकारी (EO) मनीषा कुमारी भी मुख्य रूप से उपस्थित रहीं. किसी भी प्रकार की आपात या विकट स्थिति से निपटने के लिए परिसर के बाहर स्थानीय थाना पुलिस बल की कड़ी तैनाती की गई थी.
विकास कार्यों को मिलेगी रफ्तार, मुख्य व उपमुख्य पार्षद रहेंगे धुरी
समिति का महत्व: स्थानीय राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सशक्त स्थायी समिति का गठन नगर पंचायत के चहुंमुखी विकास और प्रशासनिक ढांचे के लिहाज से रीढ़ की हड्डी माना जाता है. इस नई समिति के अस्तित्व में आने के बाद अब नगर की प्रशासनिक व्यवस्था, वित्तीय प्रस्तावों की मंजूरी और विभिन्न जन-कल्याणकारी विकास योजनाओं के क्रियान्वयन (Ground Execution) में तेजी आएगी.
हालांकि, विधिक प्रावधानों के अनुसार समिति के पदेन सदस्य (Ex-officio Members) के रूप में मुख्य पार्षद एवं उपमुख्य पार्षद की भूमिका सर्वोपरि रहेगी, जो नगर के विकास कार्यों की मुख्य धुरी के रूप में काम करते रहेंगे.
परदे के पीछे का सियासी समीकरण: अहमद हुसैन लल्लू का दिखा दबदबा
पौआखाली के राजनैतिक गलियारों में इस निर्विरोध चुनाव के पीछे की बिसात को लेकर कई तरह की चर्चाएं आम हैं. सूत्रों से मिली पुख्ता जानकारी के अनुसार, इस सर्वसम्मत निर्णय को धरातल पर उतारने में मुख्य पार्षद प्रतिनिधि अहमद हुसैन उर्फ लल्लू की भूमिका सबसे रणनीतिक और महत्वपूर्ण मानी जा रही है. चर्चा है कि इस पूरे राजनीतिक समीकरण को लेकर उपमुख्य पार्षद प्रतिनिधि अबू नसर आलम की भी मौन सहमति रही, जिसके कारण दोनों धड़ों के बीच टकराव टल गया और मामला सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझ गया.
दबदबे की दोबारा बहाली:
राजनैतिक विश्लेषकों का मानना है कि नवनिर्वाचित तीन सदस्यों में से दो महिला पार्षद सीधे तौर पर मुख्य पार्षद प्रतिनिधि अहमद हुसैन उर्फ लल्लू की बेहद करीबी और उनके खेमे की मानी जाती हैं. इन पार्षदों के निर्विरोध चयन से पौआखाली नगर पंचायत की आंतरिक राजनीति में मुख्य पार्षद प्रतिनिधि का सांगठनिक और सियासी दबदबा एक बार फिर खुलकर सामने आया है. अब क्षेत्र की जनता की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि यह नई समिति नगर के लंबित विकास कार्यों को कितनी रफ्तार दे पाती है.
बधाई देने वालों का लगा तांता
तीन महिला पार्षदों के निर्विरोध सशक्त स्थायी समिति के सदस्य चुने जाने की आधिकारिक घोषणा के बाद समर्थकों ने मिठाई बांटकर खुशी का इजहार किया. इस मौके पर नवनिर्वाचित सदस्यों को मुख्य पार्षद प्रतिनिधि अहमद हुसैन उर्फ लल्लू, उपमुख्य पार्षद प्रतिनिधि अबू नसर आलम, वार्ड पार्षद नफीस आलम, वार्ड पार्षद प्रतिनिधि अबूजर गफ्फारी, हनीफ आलम, हाफिज साजिद, सलमान अली, मनोज राय, असलम आजाद उर्फ बबलू और जरदिश आलम सहित दर्जनों प्रबुद्ध नागरिकों और समर्थकों ने पुष्पमाला पहनाकर बधाई व उज्ज्वल कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं.
