भारत-नेपाल सीमा पर मवेशी तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत 41वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (SSB) रानीडांगा की टीम ने बड़ी सफलता हासिल की है. एसएसबी ने एनएच-327 पर गलगलिया के समीप 40 भैंसों से लदे एक 10 चक्का ट्रक को जब्त किया है. इस दौरान एक तस्कर को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि ट्रक चालक समेत दो अन्य आरोपी चकमा देकर फरार होने में सफल रहे.
नाका तोड़कर भाग रहा था ट्रक, एसएसबी ने खदेड़कर दबोचा
41वीं वाहिनी एसएसबी की 'ई' कंपनी कादोमनी जोत और 'जी' कंपनी भातगांव की संयुक्त टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि मवेशियों की बड़ी खेप गुजरने वाली है. इसके बाद सीमा स्तंभ संख्या-102 से करीब तीन किलोमीटर अंदर भारतीय सीमा में एनएच-327 पर चेकपोस्ट लगाकर जांच शुरू की गई.
इसी दौरान तेज रफ्तार में आ रहे एक संदिग्ध ट्रक ने नाका पार कर भागने की कोशिश की. जवानों ने मुस्तैदी दिखाते हुए पीछा कर वाहन को रोक लिया. मौके का फायदा उठाकर चालक और उसका साथी भाग निकले, लेकिन ट्रक के खलासी को दबोच लिया गया.
अमानवीय स्थिति में लदी थीं 40 भैंसें
ट्रक की तलाशी लेने पर उसमें क्रूरतापूर्वक और अमानवीय स्थिति में ठूंस-ठूंस कर लदी 40 भैंसें बरामद हुईं. चालक दल मवेशियों के परिवहन से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज या अनुमति पत्र (Permit) पेश नहीं कर सका. कार्रवाई के दौरान एसएसबी ने मवेशी और ट्रक के अलावा एक मोबाइल फोन और ₹4,650 नकद भी जब्त किए.
डगरुआ से असम भेजी जा रही थी खेप
गिरफ्तार तस्कर की पहचान मो. खाबिन हुसैन (27 वर्ष, पिता- उमर), निवासी उत्तर दिनाजपुर (पश्चिम बंगाल) के रूप में हुई है.
सख्ती से पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि मवेशियों की यह खेप बिहार के पूर्णिया जिले के डगरुआ से लादकर असम ले जाई जा रही थी. नक्सलबाड़ी के पास पुलिस चेकिंग देखकर चालक ने चेकिंग से बचने के लिए गााड़ी को वापस गलगलिया की ओर मोड़ दिया था.
गलगलिया पुलिस को सौंपे गए आरोपी और मवेशी
एसएसबी ने जब्त मवेशियों, ट्रक और गिरफ्तार तस्कर को अग्रिम कानूनी कार्रवाई के लिए गलगलिया थाना पुलिस के हवाले कर दिया है. पुलिस ने पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और अवैध तस्करी से जुड़ी संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर फरार आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है.
