ठाकुरगंज (किशनगंज) से बच्छराज नखत की रिपोर्ट
SSB DIG Visit India Nepal Border: भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक चाक-चौबंद व मजबूत बनाने की कवायद के बीच किशनगंज जिले के ठाकुरगंज सीमावर्ती क्षेत्र में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की गतिविधियां अचानक बेहद तेज हो गई हैं. सीमा पर जारी कड़ी निगरानी के बीच क्षेत्रक मुख्यालय सशस्त्र सीमा बल, रानीडांगा के उप महानिरीक्षक (DIG) श्री एस. के. सारंगी ने 19वीं वाहिनी एसएसबी, ठाकुरगंज का दो दिवसीय (27 मई से 28 मई 2026) सघन दौरा किया. इस दौरान उन्होंने देश की संप्रभुता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सीमावर्ती इलाकों का जमीनी निरीक्षण किया. इस हाई-प्रोफाइल दौरे के दौरान उनके साथ 19वीं वाहिनी के कमांडेंट श्री राज कुमार खलखो सहित कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मुख्य रूप से मौजूद रहे.
समवाय पाठामारी और कामतबस्ती में ‘सैनिक सम्मेलन’, महिला-पुरुष जवानों से सीधा संवाद
अपने दो दिवसीय दौरे के क्रम में उप महानिरीक्षक श्री सारंगी ने सुदूर सीमा पर स्थित समवाय पाठामारी एवं अग्रिम सीमा चौकी (BOP) कामतबस्ती का औचक रुख किया. यहाँ उन्होंने तैनात महिला एवं पुरुष जवानों के साथ एक विशेष ‘सैनिक सम्मेलन’ का आयोजन किया.
- जमीनी चुनौतियों पर मंथन: डीआईजी ने बिना किसी प्रोटोकॉल के जवानों से बेहद दोस्ताना और कड़क अंदाज में सीधा संवाद स्थापित किया. उन्होंने सीमा क्षेत्र की भौगोलिक चुनौतियों, रात के समय गश्ती (पेट्रोलिंग) की परिस्थितियों, तस्करों की नई रणनीतियों तथा सुरक्षा संबंधी संवेदनशील मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की.
- जवानों का बढ़ाया हौसला: सम्मेलन में जवानों का मनोबल बढ़ाते हुए डीआईजी ने कहा, “खुली और संवेदनशील सीमाओं की सुरक्षा में तैनात हमारा प्रत्येक जवान देश की आंतरिक सुरक्षा श्रृंखला की सबसे मजबूत और अटूट कड़ी है. आपकी मुस्तैदी के कारण ही देश के नागरिक चैन की नींद सोते हैं. ड्यूटी के दौरान अनुशासन और सतर्कता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए.”
इंफ्रास्ट्रक्चर का निरीक्षण: महिला बैरक और फेंसिंग कार्य समय पर पूरा करने का निर्देश
दौरे के दौरान उप महानिरीक्षक ने सीमा चौकियों की आंतरिक कार्यप्रणाली, आपातकालीन सुरक्षा इंतजाम, आधुनिक हथियारों के रख-रखाव तथा किसी भी स्थिति से निपटने के लिए जवानों की क्विक रिएक्शन टीम (QRT) की तैयारियों का बारीकी से जायजा लिया. इसके साथ ही, उन्होंने समवाय परिसर के भीतर बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से चल रहे विभिन्न विकास कार्यों का भौतिक निरीक्षण किया. इसमें विशेष रूप से:
- निर्माणाधीन आधुनिक महिला बैरक
- परिसर की सुरक्षा के लिए की जा रही चैनलिंक फेंसिंग
- जवानों के लिए बन रहे नए स्नानागार एवं शौचालय
शामिल हैं. इन कार्यों की प्रगति देख डीआईजी ने संबंधित निर्माण एजेंसियों और अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि राष्ट्रीय सुरक्षा और जवानों की सुविधा से जुड़े इन कार्यों को उच्च गुणवत्ता मानकों के साथ निर्धारित समय सीमा के भीतर हर हाल में पूरा किया जाए.
बॉर्डर पिलरों की मरम्मत और पुनर्निर्माण की हुई विशेष समीक्षा
इस पूरे दौरे का सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील हिस्सा भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा रेखा पर स्थित सीमा स्तंभों (बॉर्डर पिलर्स) का भौतिक निरीक्षण रहा. डीआईजी श्री एस. के. सारंगी ने खुद नो-मैन लैंड के समीप जाकर सीमा स्तंभों की वर्तमान स्थिति, उनकी मरम्मत, रख-रखाव और क्षतिग्रस्त पिलरों के पुनर्निर्माण कार्यों की प्रगति का स्थल निरीक्षण किया.
सीमा स्तंभों की संवेदनशीलता को देखते हुए कमांडेंट श्री राज कुमार खलखो के साथ एक विशेष उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक भी आयोजित की गई. इस गोपनीय बैठक में अंतरराष्ट्रीय सीमा प्रबंधन (Border Management), डिजिटल निगरानी व्यवस्था (Surveillance System), खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान तथा सीमावर्ती क्षेत्रों के स्थानीय पुलिस-प्रशासन के साथ सुरक्षा समन्वय को और अधिक सुदृढ़ करने को लेकर व्यापक रणनीतिक खाका तैयार किया गया.
डीआईजी के इस दो दिवसीय औचक और सघन दौरे को सीमावर्ती क्षेत्रों में असामाजिक तत्वों, घुसपैठियों और तस्करी के खिलाफ सुरक्षा व्यवस्था की सख्त मॉनिटरिंग तथा दुर्गम इलाकों में तैनात एसएसबी जवानों का मनोबल बढ़ाने की दिशा में एक बेहद बड़ा व महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. इस दौरे को लेकर भारत-नेपाल सीमा पर पूरे दिन प्रशासनिक और सैन्य हलचल चरम पर बनी रही.
