किशनगंज से गौरव कुमार की रिपोर्ट
SSB: भारत-नेपाल की खुली और बेहद संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय सीमा पर मानव तस्करी (Human Trafficking) जैसी गंभीर सामाजिक बुराई और संगठित अपराध की रोकथाम के लिए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं. इसी कड़ी में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) 12वीं बटालियन द्वारा बुधवार को किशनगंज जिले के टेढ़ागछ प्रखंड स्थित ई कंपनी माफीटोला अंतर्गत फतेहपुर बीओपी (BOP) में एक व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस विशेष अभियान का नेतृत्व एसएसबी के इंस्पेक्टर राजकुमार ने किया, जिसमें सीमावर्ती गांवों के सैकड़ों प्रबुद्ध नागरिकों, युवाओं, जनप्रतिनिधियों और विशेष रूप से महिलाओं व किशोरियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया.
नौकरी और बेहतर जीवन के झांसे में न आएं सीमावर्ती ग्रामीण: SSB
खुली सीमा का फायदा उठाने वाले तस्करों के तौर-तरीकों और एसएसबी के सुरक्षा रोडमैप को निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं के माध्यम से समझा जा सकता है:
- संगठित नेटवर्क पर प्रहार: ग्रामीणों को संबोधित करते हुए इंस्पेक्टर राजकुमार ने बताया कि मानव तस्करी एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का संगठित अपराध है. तस्कर गिरोह सुदूर और आर्थिक रूप से कमजोर सीमावर्ती क्षेत्रों को अपना निशाना बनाते हैं. यहाँ के भोले-भाले बच्चों और महिलाओं को महानगरों में अच्छी नौकरी, मुफ्त शिक्षा या बेहतर लाइफस्टाइल का झूठा झांसा देकर उनका शारीरिक, मानसिक और आर्थिक शोषण किया जाता है.
- एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट का मार्गदर्शन: यह पूरा महाभियान एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU), सेक्टर मुख्यालय एसएसबी रानीडांगा (पश्चिम बंगाल) के कुशल निर्देशन में संचालित किया गया. कार्यक्रम के दौरान “मानव तस्करी रोकें, समाज को सुरक्षित बनाएं” तथा “समुदायों को सशक्त बनाकर मानव तस्करी की रोकथाम करें” जैसे नारों के जरिए लोगों में वैचारिक चेतना जगाई गई.
संदिग्धों की तुरंत दें सूचना; जनसहयोग से ही टूटेगी तस्करों की कमर
सुरक्षा एजेंसियों की अपील: एसएसबी अधिकारियों ने सीमा सुरक्षा में ‘सिटिजन पुलिसिंग’ पर जोर देते हुए कहा कि यदि किसी ग्रामीण क्षेत्र से कोई बच्चा या महिला अचानक लापता होती है, या गांव में किसी अनजान व संदिग्ध व्यक्ति की आवाजाही देखी जाती है, तो उसकी जानकारी बिना डरे तुरंत सुरक्षा बलों को दें. जनता के सक्रिय सहयोग और त्वरित सूचना तंत्र से ही इस जघन्य अपराध पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सकता है.
आपातकालीन स्थिति के लिए आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर जारी
अधिकारियों ने सीमावर्ती क्षेत्र के नागरिकों की सुविधा और त्वरित संचार के लिए विशिष्ट हेल्पलाइन नंबर्स (Helpline Numbers) सार्वजनिक किए हैं, जिन पर 24 घंटे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की गुप्त सूचना दी जा सकती है:
- एसएसबी विशेष मोबाइल नंबर:
8299127038,7005846799 - लैंडलाइन संपर्क नंबर:
+91 3532999530 - राष्ट्रीय चाइल्ड हेल्पलाइन:
1098(बच्चों के संकट के समय तुरंत उपयोगी)
सतर्कता और सामुदायिक सहभागिता ही सबसे बड़ा हथियार
निष्कर्ष:
कार्यक्रम के समापन सत्र में उपस्थित सभी ग्रामीणों और युवाओं ने एसएसबी कमांडेंट और इंस्पेक्टर के समक्ष शपथ ली कि वे अपने समाज और पंचायत को मानव तस्करी से मुक्त रखने के लिए सदैव तत्पर रहेंगे. अधिकारियों ने दोहराया कि केवल सुरक्षा बल के जवान ही नहीं, बल्कि सजग नागरिक, सतर्कता और मजबूत सामुदायिक सहभागिता (Community Participation) ही सीमा पार होने वाले इस घिनौने व्यापार के खिलाफ सबसे अचूक और प्रभावी हथियार साबित होगी. इस मौके पर एसएसबी के कई उप-निरीक्षक, मुख्य आरक्षी, स्थानीय वार्ड सदस्य, मुखिया और भारी संख्या में ग्रामीण महिलाएं व स्कूली बच्चे उपस्थित रहे.
