चुरली पंचायत के वार्ड-10 में एक महीने से खराब पड़ी हैं सोलर स्ट्रीट लाइटें, अंधेरे में डूबीं गलियां; ग्रामीणों में नाराजगी

किशनगंज जिले के ठाकुरगंज प्रखंड में सरकारी सोलर स्ट्रीट लाइटें एक महीने से बंद पड़ी हैं. चुरली पंचायत के वार्ड-10 में अंधेरे के कारण ग्रामीणों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. बरसात में स्थिति और गंभीर हो गई है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है.

किशनगंज जिले के ठाकुरगंज प्रखंड अंतर्गत चुरली पंचायत के वार्ड संख्या-10 में सरकारी योजना के तहत लगाई गई तीन सोलर स्ट्रीट लाइटें पिछले करीब एक महीने से खराब पड़ी हैं. लाइटों के लगातार बंद रहने से वार्ड की कई गलियों में रात होते ही अंधेरा छा जाता है, जिससे स्थानीय निवासियों, महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को आवागमन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.

बरसात के मौसम में बढ़ा हादसों का खतरा

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि मानसून और बरसात के दिनों में गलियों में अंधेरा रहने से स्थिति और भी गंभीर हो गई है. सड़कों पर जलभराव और अंधेरे के कारण आए दिन दुर्घटनाओं तथा जहरीले जीव-जंतुओं का डर बना रहता है:

  • शिकायत पर नहीं हो रही कार्रवाई: ग्रामीणों ने बताया कि लाइट खराब होने के बाद कई बार संबंधित मेंटेनेंस एजेंसी के हेल्पलाइन/शिकायत नंबर पर फोन करने का प्रयास किया गया, लेकिन अधिकांश समय कॉल रिसीव ही नहीं किया जाता.
  • बढ़ रहा असंतोष: समय पर शिकायतों की सुनवाई और मरम्मत न होने से पंचायत के लोगों में प्रशासन व एजेंसी के प्रति भारी नाराजगी है.

वार्ड सदस्य ने उठाई अविलंब मरम्मत की मांग

वार्ड संख्या-10 के वार्ड सदस्य मो. यासीन ने बताया कि उनके वार्ड में स्थापित तीनों सोलर लाइटें एक माह से ठप हैं. उन्होंने एजेंसी से कई बार संपर्क साधा, लेकिन न तो कोई संतोषजनक जवाब मिला और न ही कोई तकनीकी कर्मी मरम्मत के लिए पहुंचा.

वार्ड सदस्य का वक्तव्य: "सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों को रोशन करने और सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने के उद्देश्य से सोलर लाइटें लगवाई थीं. लेकिन देखरेख और रखरखाव (Maintenance) में घोर लापरवाही के कारण इस योजना का मूल उद्देश्य ही विफल हो रहा है."

जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की अपील

मो. यासीन और स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों से मांग की है कि:

  1. बंद पड़ी तीनों सोलर स्ट्रीट लाइटों को अविलंब दुरुस्त कराया जाए.
  2. एजेंसी के हेल्पलाइन/शिकायत निवारण प्रणाली (Grievance Redressal System) को चुस्त-दुरुस्त कर शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए.

ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन मामले का तुरंत संज्ञान लेकर समस्या का समाधान करेगा, ताकि लोगों को रात के अंधेरे में आवागमन करने से निजात मिल सके.


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लेखक के बारे में

By बच्छराज

बच्छराज प्रिंट माध्यम में 25 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. ठाकुरगंज (किशनगंज) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

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