पौआखाली से रणविजय की रिपोर्ट
Sand Tractor: बिहार सरकार द्वारा राजस्व चोरी को रोकने और खनिज संपदा के अवैध दोहन पर लगाम लगाने के कड़े निर्देशों के बावजूद बालू माफिया नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं. ताजा मामला किशनगंज जिले के पौआखाली थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक ही चालान के सहारे बार-बार बालू ढोने के अवैध खेल को उजागर किया है. थाना क्षेत्र के सिमलबाड़ी सड़क मार्ग पर गश्त के दौरान पुलिस ने बालू से लदे एक ट्रैक्टर को रंगे हाथ पकड़ा, जिसके बाद इस पूरे संगठित फर्जीवाड़े की परतें खुलती चली गईं.
जांच में खुला ‘एक चालान, कई फेरे’ का राज; पूछताछ में तस्करों ने उगला सच
- गश्त के दौरान कार्रवाई: पौआखाली थानाध्यक्ष शंख राज कर्ण के नेतृत्व में पुलिस टीम क्षेत्र में नियमित सुरक्षा गश्त पर थी. इसी दौरान सिमलबाड़ी मार्ग पर तेज गति से आ रहा एक बालू लदा ट्रैक्टर पुलिस की नजर में आया, जिसे नाकेबंदी कर रुकवाया गया.
- थानाध्यक्ष की क्रॉस-क्वेश्चनिंग: थानाध्यक्ष ने जब ट्रैक्टर चालक से बालू के वैध कागजात और ई-चालान की मांग की, तो चालक ने एक चालान पेश कर दिया. हालांकि, जब चालान के समय और गाड़ी की गतिविधियों को लेकर कड़ाई से पूछताछ शुरू की गई, तो चालक टूट गया. उसने स्वीकार किया कि वे लोग इसी एक सिंगल चालान का उपयोग करके सुबह से शाम तक दिनभर में बालू के कई फेरे लगाते थे.
खदान प्रबंधन ने पैरवीकारों को किया ‘बैकफुट’; नियमों का दिया हवाला
थाने में पैरवी का ड्रामा: मामला जैसे ही सामने आया, ट्रैक्टर को छुड़ाने और मामले को रफा-दफा करने के लिए कुछ स्थानीय रसूखदार पैरवीकार थाने पहुंच गए. चालक ने पहले पुलिस को यह कहकर गुमराह करने की कोशिश की कि सरकारी बालू खदान की तरफ से उन्हें एक चालान पर कई फेरे लगाने की छूट दी गई है. हालांकि, जब थानाध्यक्ष शंख राज कर्ण ने कड़ा रुख अपनाते हुए पैरवीकारों से कहा कि वे खदान प्रबंधन की ओर से इस संबंध में लिखित अनुमति या आधिकारिक स्पष्टीकरण लाकर दें, तो खदान प्रबंधन ने कानूनी कार्रवाई के डर से तुरंत अपने हाथ पीछे खींच लिए. खदान संचालकों ने स्पष्ट किया कि नियमों के तहत एक चालान पर सिर्फ एक ही फेरा (Trip) लगाने का कानूनी प्रावधान है, जिसके बाद पैरवीकारों को थाने से बैरंग लौटना पड़ा.
ट्रैक्टर जब्त, खनन और परिवहन विभाग को भेजी गई रिपोर्ट
पौआखाली पुलिस ने त्वरित कानूनी प्रक्रिया के तहत बालू लदे ट्रैक्टर को अवैध खनन परिवहन के आरोप में जब्त कर थाना परिसर में सुरक्षित खड़ा करवा दिया है. इस पूरे फर्जीवाड़े और सरकारी राजस्व को चूना लगाने के संबंध में स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा लिखित रिपोर्ट तैयार कर जिला खनन विभाग और परिवहन विभाग (DTO) को आवश्यक दंडात्मक कार्रवाई के लिए भेज दी गई है.
थानाध्यक्ष शंख राज कर्ण ने चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि पौआखाली थाना क्षेत्र के भीतर किसी भी प्रकार का अवैध खनन, ओवरलोडिंग या जाली कागजात के सहारे बालू का परिवहन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. पुलिस की यह विशेष चेकिंग मुहिम आगे भी लगातार जारी रहेगी और पकड़े जाने पर वाहन मालिकों और चालकों के खिलाफ सीधे प्राथमिकी दर्ज की जाएगी.
