बिहार सरकार के 'सुरक्षित शनिवार' कार्यक्रम के तहत किशनगंज जिले के दिघलबैंक प्रखंड स्थित उच्च सह मध्य विद्यालय तालगाछ में शनिवार को 'स्वच्छ जल एवं जल संरक्षण' विषय पर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. "स्वच्छ जल, स्वस्थ जीवन की पहचान है" के मुख्य संदेश के साथ आयोजित इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को सुरक्षित पेयजल के उपयोग, जल बचत और व्यक्तिगत स्वच्छता के प्रति विस्तार से जानकारी दी गई.
स्वच्छ पानी और व्यक्तिगत स्वच्छता का दिया संदेश
कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने बच्चों को दैनिक जीवन में स्वच्छता अपनाने की महत्वपूर्ण टिप्स दिए:
- सुरक्षित पेयजल: बच्चों को हमेशा ढका हुआ और साफ पानी पीने की सलाह दी गई. साथ ही गंदे हाथों से पानी न छूने और संदिग्ध जल को उबालकर या छानकर शुद्ध करने पर जोर दिया गया.
- हाथ धोने का अभ्यास: भोजन करने से पहले और शौचालय के उपयोग के बाद साबुन से सही तरीके से हाथ धोने का प्रायोगिक (Practical) अभ्यास कराया गया.
विविध गतिविधियों से जल संरक्षण का संकल्प
विद्यालय परिसर में बच्चों को जागरूक करने के लिए कई रोचक गतिविधियां आयोजित की गईं:
| गतिविधि | उद्देश्य व संदेश |
| जल स्रोतों की पहचान | विद्यालय और आसपास उपलब्ध जल स्रोतों की सूची बच्चों द्वारा बनाई गई. |
| चित्र प्रदर्शनी | चित्रों के माध्यम से स्वच्छ जल और दूषित जल के बीच अंतर समझाया गया. |
| जल जमाव पर रोक | रुका हुआ पानी मच्छरों का घर बनता है, इसलिए नल खुला न छोड़ने व जल जमाव रोकने की सीख दी गई. |
| जागरूकता नारे | बच्चों ने "जल है तो कल है", "स्वच्छ जल अपनाएं, बीमारियां दूर भगाएं" जैसे उत्साहवर्धक नारे लगाए. |
शिक्षकों की मौजूदगी और सामूहिक शपथ
कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों ने स्वयं स्वच्छ जल का उपयोग करने, जल की बर्बादी रोकने तथा अपने परिवार व समाज को जल संरक्षण के प्रति प्रेरित करने का सामूहिक संकल्प लिया.
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक अंजार आलम, शिक्षक बिनोद मोहन यादव, प्रभाकर यादव, विजय कुमार, बिरवल जी, सतेन्द्र कुमार एवं अख्तर हुसैन सहित कई अन्य शिक्षक व विद्यालय कर्मी उपस्थित रहे.
