किशनगंज
टेढागाछ प्रखंड के अंतर्गत भोरहा पंचायत स्थित फुलवरिया हाट में विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े हो रहे हैं. सरकार भले ही ग्रामीण विकास के नाम पर करोड़ों रुपये की योजनाओं का ढिंढोरा पीट रही हो, लेकिन धरातल पर स्थिति चिंताजनक बनी हुई है. यह योजना कागज तक ही समिति है. इसका ताजा उदाहरण फुलवरिया बाजार से जामा मस्जिद जाने वाली मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क है, जहां जलजमाव की समस्या ने आम लोगों का जीना मुहाल कर दिया है.स्थानीय लोगों के अनुसार निर्माण कार्य में गुणवत्ता की कमी और जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण सड़क पर हमेशा पानी जमा रहता है. सड़क किनारे नाला नहीं बनाए जाने से थोड़ी सी बारिश या आसपास के घरों से निकलने वाला पानी सीधे सड़क पर फैल जाता है, जिससे कीचड़ और गंदगी की स्थिति उत्पन्न हो जाती है.
रमजान में बढ़ी परेशानी
इन दिनों पवित्र रमजान का महीना चल रहा है. बड़ी संख्या में अकीदतमंद फुलवरिया जामा मस्जिद में तरावीह और जुम्मा की नमाज अदा करने पहुंचते हैं. लेकिन मस्जिद तक जाने वाली मुख्य सड़क पर जलजमाव और गंदगी के कारण नमाजियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं के लिए यह स्थिति और भी कठिन हो गई है. कई लोगों को जूते-चप्पल हाथ में लेकर पानी से होकर गुजरना पड़ता है. मस्जिद कमेटी के जिम्मेदारों ने बताया कि कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया है.
राजस्व देने वाला बाजार, फिर भी उपेक्षा