KISHANGANJ : सिमलबाड़ी मीरभिट्ठा में रोड व कब्रिस्तान कटाव की चपेट में

बरसात के दिनों में जिले की नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के साथ ही कटाव की भी समस्या विकराल होने लग जाती है. ऐसी ही समस्या ठाकुरगंज प्रखंड के पौआखाली नगर पौआखाली में है.

पौआखाली, किशनगंज से रणविजय की रिपोर्ट :

बरसात के दिनों में जिले की नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के साथ ही कटाव की भी समस्या विकराल होने लग जाती है. और ऐसी ही समस्या ठाकुरगंज प्रखंड के पौआखाली नगर पौआखाली में है, जहाँ मीरभिट्ठा पुल के समीप एनएच 327 ई सिमलबाड़ी गांव होते हुए नूरी चौक से पौआखाली बाजार में पीडीडब्ल्यू मुख्य पथ को जोड़ने वाली पक्की सड़क को बूढ़ी कनकई नदी की धारा ने प्रभावित करना पुनः शुरू कर दिया है. नदी के रुख से दर्जनों घरों के साथ-साथ सार्वजनिक संपत्तियों पर भी खतरा मंडारने लगा है. पौआखाली नगर पंचायत के वार्ड संख्या 03 सीमलबाड़ी टोला और डुमरिया पंचायत के वार्ड संख्या 08 दक्षिण मीरभिट्ठा टोला में टोलावासियो के अनुसार, नदी का कटाव मुख्य सड़क को नुकसान कर कब आवासीय मकानों सहित अन्य सार्वजनिक संपत्तियों को अपने जद में ले लें इसका कोई ठिकाना नहीं.

कब्रिस्तान जमीन का बड़ा हिस्सा नदी की धारा में हो चुकी है विलीन

स्थानीय ईदगाह और कब्रिस्तान की जमीन का एक बड़ा हिस्सा पहले ही नदी की धारा में विलीन हो चुका है. पास ही स्थित मदरसा और प्रधानमंत्री सड़क का अस्तित्व खतरे में है. पिछले कई वर्षों से बूढ़ी कनकई नदी की पूर्वी धारा लगातार प्रधानमंत्री ग्राम सड़क को क्षतिग्रस्त कर रही है. सड़क का एक बड़ा हिस्सा कट जाने के कारण आवागमन न केवल बाधित हुआ है, बल्कि खतरनाक भी हो गया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, निकट भविष्य में काफी नुकसान हो सकता है. नदी के बढ़ते दबाव और प्रशासन की कथित बेरुखी से नाराज ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है. नदी के किनारे अविलंब मजबूत तटबंध का निर्माण सहित क्षतिग्रस्त हो चुकी प्रधानमंत्री सड़क का पुनर्निर्माण हो. बरसात से पहले यहां कटाव रोधी कार्य शुरू कर बस्तियों को बचाना आवश्यक है. उपमुख्य पार्षद प्रतिनिधि अबू नसर आलम व टोलावासी सह जदयू नगर अध्यक्ष हवेवुर रहमान ने सांसद विधायक गोपाल कुमार अग्रवाल से उम्मीद जताई है कि वे इस दिशा में ठोस निर्णय लेंगे. वहीं पार्षद प्रतिनिधि हनीफ आलम, पूर्व वार्ड पार्षद प्रतिनिधि नूर आलम आदि ने कहा कि बरसात के दिनों में जलस्तर बढ़ने से कटाव के कारण जमीन और सड़क को नदी से क्षति पहुंचते हुए हमलोग देखते आ रहे हैं. ईदगाह, कब्रिस्तान की जमीन जा चुकी है, अब घर, सरकारी मदरसा और सड़क की बारी है. अगर सरकार ने जल्द तटबंध नहीं बनवाया तो भविष्य में बड़ी समस्या उत्पन्न हो सकती है. बहरहाल अब देखना यह है कि जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग इस गंभीर समस्या पर कब तक संज्ञान लेता है.

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By AMIT KUMAR SINH

AMIT KUMAR SINH is a contributor at Prabhat Khabar.

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