किशनगंज के टेढ़ागाछ में रेतुआ नदी का बढ़ता कटाव, डोरिया-लोधाबाड़ी मुख्यमंत्री सड़क पर मंडराया खतरा

किशनगंज के टेढ़ागाछ प्रखंड में रेतुआ नदी का बढ़ता कटाव अब जीवन रेखा मुख्यमंत्री सड़क के लिए बड़ा खतरा बन गया है. डोरिया से लोधाबाड़ी होते हुए टेढ़ागाछ जाने वाली यह सड़क नदी में समा सकती है, जिससे दर्जनों पंचायतों के हजारों लोगों का संपर्क टूट जाएगा.

Kishanganj News: किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड में रेतुआ नदी का तेज कटाव अब सड़क संपर्क के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है. डोरिया से लोधाबाड़ी होते हुए टेढ़ागाछ जाने वाली मुख्यमंत्री सड़क नदी के कटाव की चपेट में आ गई है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कटावरोधी कार्य शुरू नहीं किया गया, तो यह सड़क नदी में समा सकती है, जिससे दर्जनों पंचायतों के हजारों लोगों की आवाजाही प्रभावित हो जाएगी.

बरसात के मौसम में रेतुआ नदी के लगातार बदलते जलस्तर ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है. सड़क का किनारा कई स्थानों पर कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है और स्थानीय लोगों में आने वाले दिनों को लेकर चिंता बढ़ गई है.

डोरिया और लोधाबाड़ी के बीच बढ़ रहा कटाव

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार लोधाबाड़ी और डोरिया गांव के बीच रेतुआ नदी का कटाव लगातार तेज हो रहा है.

सड़क के किनारे मिट्टी का कटाव बढ़ने से सड़क का आधार कमजोर पड़ रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द सुरक्षा कार्य नहीं हुआ, तो सड़क का बड़ा हिस्सा नदी में बह सकता है.

प्रखंड मुख्यालय तक पहुंचने का प्रमुख मार्ग

यह सड़क केवल एक गांव को नहीं, बल्कि दर्जनों पंचायतों को टेढ़ागाछ प्रखंड मुख्यालय से जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है.

सड़क क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में लोगों को लगभग छह किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी.

इसका सबसे अधिक असर विद्यार्थियों, मरीजों, किसानों और रोजाना आने-जाने वाले लोगों पर पड़ेगा.

ग्रामीणों ने डीएम से लगाई गुहार

स्थानीय ग्रामीण सलाहुद्दीन और एआईएमआईएम प्रखंड अध्यक्ष राहत हुसैन ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है.

उन्होंने जिला पदाधिकारी नवीन कुमार से अविलंब कटावरोधी कार्य शुरू कराने की अपील की है.

स्थायी सुरक्षा उपाय की मांग

ग्रामीणों का कहना है कि रेतुआ नदी में जलस्तर के उतार-चढ़ाव के कारण हर वर्ष कटाव बढ़ता है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं किया गया.

उनका कहना है कि यदि इस बार भी केवल अस्थायी उपाय किए गए, तो भविष्य में सड़क और आसपास की भूमि दोनों को भारी नुकसान हो सकता है.

Kishanganj News: आवागमन पूरी तरह बाधित होने का खतरा

स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो मुख्यमंत्री सड़क का बड़ा हिस्सा नदी में विलीन हो सकता है.

ऐसी स्थिति में क्षेत्र के हजारों लोगों की आवाजाही, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और कृषि गतिविधियां गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती हैं.

ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द सर्वे कराकर स्थायी कटावरोधी संरचना बनाने की मांग की है.

Also Read: बांकीपुर में हार के बाद BJP में मंथन शुरू, CM सम्राट चौधरी अचानक पहुंचे प्रदेश कार्यालय, बंद कमरे में चल रही है बैठक

Also Read: मनोज तिवारी फ्रॉड आदमी हैं', विधायक बनने के बाद प्रशांत किशोर का चैलेंज- हिम्मत है तो भरत तिवारी के परिवार को न्याय दिलाकर दिखाएं


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By गौरव कुमार

गौरव कुमार प्रिंट माध्यम में 20 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 10 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. राजनीतिक, सामाजिक व अपराध की खबरों में विशेष रूचि है.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >