सरस्वती विद्या मंदिर केशव माधव छात्रावास में क्षेत्रीय कार्यशाला का शुभारंभ, बिहार-झारखंड के 55 छात्रावास प्रमुख हुए शामिल

किशनगंज के बेलवा स्थित सरस्वती विद्या मंदिर में एक तीन दिवसीय क्षेत्रीय छात्रावास कार्यकर्ता कार्यशाला का आयोजन किया गया. इस कार्यशाला में बिहार और झारखंड के लगभग 55 छात्रावास प्रमुखों, प्राचार्यों और अधिकारियों ने भाग लिया, जिसका मुख्य उद्देश्य छात्रावासों के कुशल संचालन और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए रणनीति तैयार करना था.

किशनगंज जिले के बेलवा स्थित सरस्वती विद्या मंदिर (सैनिक स्कूल) केशव माधव छात्रावास के नवनिर्मित भव्य भवन में सोमवार अपराह्न 3:00 बजे क्षेत्रीय छात्रावास कार्यकर्ता कार्यशाला के उद्घाटन सत्र का आयोजन हुआ. इस तीन दिवसीय/क्षेत्रीय कार्यशाला में बिहार और झारखंड के विभिन्न शिक्षण संस्थानों से आए लगभग 55 छात्रावास प्रमुखों, प्राचार्यों और अधिकारियों ने हिस्सा लिया. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रावासों के कुशल संचालन और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर रणनीति तैयार करना रहा.

प्रमुख अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति

कार्यक्रम में शिक्षा जगत और समाज से जुड़े कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे:

  • मुख्य अतिथि: जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO), किशनगंज
  • विशिष्ट अतिथि:

इसके अलावा प्रतिनिधि सदस्य हरिश्चंद्र मिश्रा, सचिव गणेश प्रसाद मौर्य, सह सचिव अनिल अग्रवाल, प्रख्यात व्यवसायी धनंजय जायसवाल और प्राचार्य नागेंद्र कुमार तिवारी सहित कई प्रबुद्धजन मौजूद थे. अतिथियों का परिचय प्राचार्य नागेंद्र कुमार तिवारी ने कराया.

"छात्रावासों के सफल संचालन के लिए नियमों का निर्माण जरूरी"

कार्यशाला की प्रस्तावना सैनिक स्कूल (नरगाकोठी, भागलपुर) के प्राचार्य अमरेश कुमार ने रखी:

  • समस्याओं के समाधान पर बल: उन्होंने देशभर के विद्या भारती व संघ संचालित छात्रावासों के संचालन में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों का जिक्र करते हुए उनके समाधान के लिए ठोस नियमावली बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया.

"भारत को विश्वगुरु बनाने की दिशा में काम कर रहे छात्रावास" — रामलाल सिंह

लोक शिक्षा समिति के प्रदेश सचिव रामलाल सिंह ने प्राचीन भारतीय शिक्षा पद्धति से लेकर राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) तक के सफर पर विचार रखे:

प्रदेश सचिव का वक्तव्य: "छात्रावासों में संस्कारित हो रहे छात्र-छात्राओं को एक सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए तैयार करना ही हमारा मुख्य लक्ष्य है. भारत को पुनः विश्वगुरु के पद पर आसीन कराने के लिए ऐसी कार्यशालाएं और दूरगामी रणनीतियां अत्यंत आवश्यक हैं."

मंच संचालन और धन्यवाद ज्ञापन

समारोह का सफल मंच संचालन प्राचार्य देवानंद दूरदर्शी ने किया, जबकि अंत में शशिभूषण प्रसाद ने आए हुए सभी अतिथियों, अधिकारियों और बिहार-झारखंड से पधारे छात्रावास प्रमुखों का धन्यवाद ज्ञापन किया.


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लेखक के बारे में

By मुकेश कुमार

मुकेश कुमार प्रिंट माध्यम में 15 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. किशनगंज प्रखंड क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

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