Kishanganj News: किशनगंज जिले के बहादुरगंज प्रखंड में लगातार हो रही बारिश के बीच रतवा नदी का कटाव एक बार फिर भारी तबाही लेकर आया है. टी-08 निशन्द्रा से दुर्गापुर बंगामा तक जाने वाली प्रधानमंत्री ग्राम सड़क (PMGSY) नदी के तेज कटाव की चपेट में आकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है. सड़क का बड़ा हिस्सा बह जाने से दुर्गापुर बंगामा गांव का मुख्य सड़क मार्ग से संपर्क पूरी तरह टूट गया है और सैकड़ों ग्रामीणों की आवाजाही गंभीर रूप से प्रभावित हो गई है.
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क टूटने से स्कूल, अस्पताल, बाजार और प्रखंड मुख्यालय तक पहुंचना बेहद कठिन हो गया है. बरसात के बीच वैकल्पिक रास्ता भी सुरक्षित नहीं है, जिससे गांव के लोगों में चिंता और नाराजगी दोनों बढ़ गई है.
रतवा नदी ने तोड़ा गांव का मुख्य संपर्क
बहादुरगंज प्रखंड के दुर्गापुर बंगामा गांव को जोड़ने वाली प्रधानमंत्री ग्राम सड़क स्थानीय लोगों के लिए सबसे महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग मानी जाती है.
रतवा नदी के कटाव ने इस सड़क के बड़े हिस्से को क्षतिग्रस्त कर दिया, जिसके बाद गांव का मुख्य सड़क मार्ग से संपर्क पूरी तरह टूट गया. स्थानीय लोगों के अनुसार अब आवागमन के लिए लंबा और जोखिम भरा वैकल्पिक रास्ता अपनाना पड़ रहा है.
स्कूल, अस्पताल और बाजार तक पहुंचना हुआ मुश्किल
सड़क टूटने का सबसे अधिक असर छात्रों, मरीजों, किसानों और रोजमर्रा के काम से आने-जाने वाले लोगों पर पड़ा है.
ग्रामीणों ने बताया कि बारिश के दौरान वैकल्पिक मार्ग भी कीचड़ और जलभराव से प्रभावित रहता है. ऐसे में किसी बीमार व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाना या बच्चों का स्कूल जाना बेहद कठिन हो गया है.
आपातकालीन सेवाओं पर भी मंडराया संकट
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सड़क की जल्द मरम्मत नहीं हुई, तो एंबुलेंस, अग्निशमन वाहन और अन्य आपातकालीन सेवाओं का गांव तक पहुंचना भी मुश्किल हो जाएगा.
ग्रामीणों ने आशंका जताई कि लगातार बारिश के बीच यदि कटाव और बढ़ा, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है.
जनप्रतिनिधि ने लगाया विभागीय लापरवाही का आरोप
घटना की जानकारी मिलने पर जिला पार्षद प्रतिनिधि इमरान आलम कटाव स्थल पर पहुंचे और स्थिति का निरीक्षण किया.
उन्होंने कहा कि रतवा नदी के बढ़ते कटाव को देखते हुए ग्रामीण कार्य विभाग के अधिकारियों से पहले भी सड़क की सुरक्षा के लिए तटबंध और बचाव कार्य कराने का अनुरोध किया गया था, लेकिन समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया.
उनका आरोप है कि विभागीय उदासीनता के कारण सड़क कटकर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई.
डीएम से शिकायत के बाद शुरू हुआ प्रारंभिक बचाव कार्य
इमरान आलम ने बताया कि उन्होंने बुधवार शाम जिलाधिकारी नवीन कुमार को पूरे मामले की जानकारी दी.
इसके बाद जिला प्रशासन के निर्देश पर जल संसाधन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कटाव रोकने के लिए प्रारंभिक बचाव कार्य शुरू कर दिया. हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि केवल कटाव रोकना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि क्षतिग्रस्त सड़क का तत्काल पुनर्निर्माण भी जरूरी है.
Kishanganj News: हर साल कटाव, लेकिन स्थायी समाधान नहीं
ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के मौसम में रतवा नदी हर वर्ष कटाव करती है और सड़क तथा कृषि भूमि को नुकसान पहुंचाती है.
उनका कहना है कि यदि नदी किनारे स्थायी कटावरोधी कार्य और मजबूत सुरक्षा संरचना नहीं बनाई गई, तो आने वाले वर्षों में भी यही स्थिति दोहराई जाएगी.
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क को जल्द मोटरेबल बनाया जाए और नदी किनारे स्थायी कटाव निरोधक कार्य कराया जाए, ताकि भविष्य में गांव का संपर्क फिर से न टूटे.
