विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर रैली, शपथ, पोस्टर प्रदर्शनी और जनजागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन

तंबाकू उत्पाद आज बड़ी संख्या में युवाओं को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं. खैनी, गुटखा, जर्दा, बीड़ी, सिगरेट और नए रूपों में उपलब्ध निकोटीन उत्पाद युवाओं को धीरे-धीरे ऐसी लत की ओर धकेल रहे हैं,

आकर्षण के मुखौटे को हटाना : निकोटीन और तंबाकू की लत का मुकाबला थीम के साथ मनाया जा रहा है.

किशनगंज

रंग-बिरंगे पैकेट, आकर्षक विज्ञापन और आधुनिक जीवनशैली के नाम पर तंबाकू उत्पाद आज बड़ी संख्या में युवाओं को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं. खैनी, गुटखा, जर्दा, बीड़ी, सिगरेट और नए रूपों में उपलब्ध निकोटीन उत्पाद युवाओं को धीरे-धीरे ऐसी लत की ओर धकेल रहे हैं, जिससे बाहर निकलना आसान नहीं होता. यही कारण है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस वर्ष विश्व तंबाकू निषेध दिवस की थीम आकर्षण के मुखौटे को हटाना निकोटीन और तंबाकू की लत का मुकाबला निर्धारित की है. इस थीम का उद्देश्य तंबाकू उद्योग द्वारा युवाओं को लुभाने के लिए अपनाई जा रही रणनीतियों को उजागर करना और लोगों को इसके वास्तविक खतरों से अवगत कराना है. इसी कड़ी में शनिवार को किशनगंज जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया गया. सिविल सर्जन कार्यालय परिसर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में अधिकारियों, स्वास्थ्यकर्मियों, शिक्षकों, छात्राओं और आम नागरिकों ने भाग लेकर तंबाकू मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया.

शपथ ग्रहण के साथ दिया गया तंबाकू मुक्त जीवन का संदेश

सिविल सर्जन कार्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम की अगुवाई सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने की. इस अवसर पर जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. देवेंद्र कुमार, गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. उर्मिला कुमारी, जिला महामारी विशेषज्ञ, स्मॉल मेडिकल ऑफिसर, एएनएम प्रशिक्षण विद्यालय की प्राचार्या, शिक्षकगण, छात्राएं तथा अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे.सभी ने तंबाकू सेवन से दूर रहने तथा अपने परिवार और समाज को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने की शपथ ली. अधिकारियों ने कहा कि तंबाकू नियंत्रण केवल स्वास्थ्य विभाग का विषय नहीं है, बल्कि यह समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है.

रैली और पोस्टर प्रदर्शनी ने खींचा लोगों का ध्यान

एएनएम प्रशिक्षण विद्यालय की छात्राओं द्वारा जागरूकता रैली निकाली गई. रैली में तंबाकू के दुष्प्रभावों को दर्शाने वाले पोस्टर, बैनर और जागरूकता संदेशों के माध्यम से लोगों को सचेत किया गया. छात्राओं ने विभिन्न नारों के जरिए लोगों से तंबाकू उत्पादों का त्याग करने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की.जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, स्वास्थ्य उपकेंद्रों एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में भी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों की देखरेख में शपथ ग्रहण समारोह, पोस्टर प्रदर्शनी तथा जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए.

युवाओं में बढ़ती तंबाकू की लत चिंता का विषय

सिविल सर्जन डॉ राज कुमार चौधरी ने कहा कि तंबाकू किसी भी रूप में स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है. उन्होंने बताया कि बिहार में लगभग 25 प्रतिशत लोग किसी न किसी रूप में तंबाकू का सेवन करते हैं. इनमें 23.4 प्रतिशत लोग खैनी, जर्दा और पान मसाला जैसे धूम्ररहित तंबाकू उत्पादों का उपयोग करते हैं, जबकि 4.2 प्रतिशत लोग बीड़ी और 0.9 प्रतिशत लोग सिगरेट का सेवन करते हैं. उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तंबाकू उद्योग युवाओं को आकर्षित करने के लिए विभिन्न प्रकार के प्रचार-प्रसार और आकर्षक उत्पादों का सहारा ले रहा है. ऐसे में अभिभावकों, शिक्षकों और समाज को मिलकर युवाओं को इस लत से बचाने की दिशा में कार्य करना होगा.

मुंह के कैंसर सहित कई गंभीर बीमारियों का प्रमुख कारण

गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉ उर्मिला कुमारी ने कहा कि तंबाकू सेवन मुंह के कैंसर, गले के कैंसर, फेफड़ों की बीमारी, हृदय रोग और कई अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का प्रमुख कारण है. उन्होंने बताया कि जिले में तंबाकू से संबंधित रोगों के मामलों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है. उन्होंने कहा कि तंबाकू छोड़ने का सबसे अच्छा समय आज है. यदि कोई व्यक्ति समय रहते इस आदत से दूरी बना लेता है तो वह कई गंभीर बीमारियों से स्वयं को बचा सकता है.

भावी पीढ़ी को बचाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी

सदर अस्पताल के प्रभारी अधीक्षक डॉ अनवर हुसैन ने कहा कि तंबाकू केवल एक व्यक्ति को नहीं बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है. इसके कारण होने वाली बीमारियां आर्थिक, सामाजिक और मानसिक समस्याओं को भी जन्म देती हैं. उन्होंने कहा कि यदि हमें अपनी भावी पीढ़ी को स्वस्थ और सुरक्षित रखना है तो तंबाकू के खिलाफ सामूहिक अभियान चलाना होगा. जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ देवेंद्र कुमार ने कहा कि विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर आयोजित कार्यक्रमों ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि तंबाकू से मुक्ति केवल व्यक्तिगत निर्णय नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का आंदोलन है. जब स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, प्रशासन, छात्र-छात्राएं और आम नागरिक एक साथ आगे आएंगे, तभी तंबाकू मुक्त, स्वस्थ और जागरूक समाज का सपना साकार हो सकेगा.

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लेखक के बारे में

Author: AWADHESH KUMAR

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