किशनगंज में बदला मौसम का मिजाज: कई इलाकों में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी, 40 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

किशनगंज जिले में मौसम ने करवट ली है. घने बादलों के साथ भारी बारिश का अनुमान है, जिससे गर्मी और उमस से राहत मिलेगी. किसानों के लिए यह बारिश धान की फसल के लिए संजीवनी साबित होगी.

सीमांचल के किशनगंज जिले में रविवार को मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है. आसमान में घने बादलों की आवाजाही के साथ कई स्थानों पर झमाझम बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान है. मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार जिले के विभिन्न इलाकों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की प्रबल संभावना बनी हुई है. रविवार को जिले का अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान लगाया गया है. बारिश की फुहारों से जहां उमस भरी गर्मी से जूझ रहे लोगों को सुकून मिलेगा, वहीं वज्रपात की आशंका को लेकर आपदा प्रबंधन ने लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है.

सभी सात प्रखंडों में छाए रहेंगे बादल, तेज हवाओं के आसार

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक जिले के किशनगंज सदर, कोचाधामन, बहादुरगंज, ठाकुरगंज, पोठिया, दिघलबैंक और टेढ़ागाछ प्रखंड में दिनभर घने बादल छाए रहेंगे. इन क्षेत्रों में रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ संवेदनशील इलाकों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश भी हो सकती है. इस दौरान उत्तर-पूर्वी बिहार के सीमावर्ती इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है.

गर्मी और उमस से मिलेगी राहत, तापमान में आएगी गिरावट

लगातार हो रही बारिश और ठंडी हवाओं के चलने से पिछले कई दिनों से पड़ रही चिपचिपी गर्मी और उमस से आम जनमानस को बड़ी राहत मिलेगी. पारे में गिरावट आने से वातावरण सुहावना बना रहेगा. हालांकि, मूसलाधार बारिश के चलते शहरी इलाकों और ग्रामीण बस्तियों के निचले हिस्सों में जलजमाव की समस्या खड़ी हो सकती है, जिससे आवागमन प्रभावित होने की आशंका भी बढ़ गई है.

किसानों के चेहरे खिले, धान की फसल को मिलेगा नया जीवन

यह मानसूनी बारिश जिले के अन्नदाताओं के लिए संजीवनी बनकर आई है. वर्तमान समय में खेतों में खड़ी धान की फसल को पर्याप्त पानी की सख्त दरकार है. समय पर हो रही इस बारिश से किसानों को पटवन (सिंचाई) के भारी खर्च से निजात मिलेगी और खरीफ फसलों के बेहतर उत्पादन की उम्मीदें बढ़ गई हैं.

वज्रपात से बचाव के लिए प्रशासनिक एडवाइजरी

मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन ने आकाशीय बिजली (ठनका) गिरने के संभावित खतरे को देखते हुए नागरिकों को सतर्क रहने की हिदायत दी है. बारिश और तेज गर्जन के दौरान लोगों को खुले मैदानों, जलजमाव वाले स्थानों, बिजली के खंभों और ऊंचे पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सख्त सलाह दी गई है. किसानों को भी खराब मौसम के दौरान सुरक्षित पक्के आश्रयों में शरण लेने का निर्देश दिया गया है.

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लेखक के बारे में

By गौरव कुमार

गौरव कुमार प्रिंट माध्यम में 20 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 10 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. राजनीतिक, सामाजिक व अपराध की खबरों में विशेष रूचि है.

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