पौआखाली से रणविजय की रिपोर्ट
Prabhat Khabar Impact: किशनगंज जिले के पौआखाली नगर पंचायत क्षेत्र से पत्रकारिता के असर की एक बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आई है. पिछले दिनों ‘प्रभात खबर’ समाचार पत्र में नगर की बदहाल नालियों और मानसून में होने वाले संभावित जलजमाव के खतरे को लेकर प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया गया था. खबर छपने के बाद स्थानीय नगर प्रशासन पूरी तरह हरकत में आ गया है. आगामी मानसून और भारी बारिश के मौसम को ध्यान में रखते हुए नगर पंचायत के विभिन्न वार्डों और मुख्य बाजारों में नालियों की साफ-सफाई और गाद निकालने (उड़ाही) का अभियान युद्ध स्तर पर प्रारंभ कर दिया गया है.
यह पूरा विशेष सफाई अभियान नगर पंचायत के मुख्य पार्षद प्रतिनिधि अहमद हुसैन उर्फ लल्लू के सीधे दिशा-निर्देश और देखरेख में चलाया जा रहा है, ताकि बरसात के दिनों में शहरवासियों को जलजमाव, कीचड़ और नारकीय स्थिति से स्थाई निजात मिल सके.
हाईस्कूल रोड पर व्यवस्था फेल, सफाई के नाम पर केवल खानापूर्ति
एक तरफ जहाँ नगर पंचायत प्रशासन अपने कई मुख्य और वीआईपी हिस्सों में युद्ध स्तर पर गाद निकालने का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ नगर के ही वार्ड संख्या 08 स्थित हाईस्कूल रोड की जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है. इस मार्ग की बदहाली नगर की संपूर्ण सफाई व्यवस्था और दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है.
- कचरे से पटी नाली: स्थानीय आक्रोशित लोगों का सीधा आरोप है कि यहाँ सफाई कर्मियों द्वारा ईमानदारी से काम करने के बजाय केवल खानापूर्ति करके छोड़ दिया गया है.
- निकासी पूरी तरह अवरुद्ध: हाईस्कूल रोड स्थित प्रसिद्ध दुर्गा मंदिर मोड़ के पास नाली में भारी मात्रा में प्लास्टिक, पॉलीथिन और सिल्ट (कचरा) जमा है. इसके कारण नाले के पानी की प्राकृतिक निकासी पूरी तरह से ब्लॉक हो चुकी है. आलम यह है कि प्री-मानसून की हल्की बारिश में भी इस पूरे मोड़ और सड़क पर गंदा पानी बहने लगता है जिससे आने वाले दिनों में यहाँ बड़े जलजमाव का खतरा मंडरा रहा है.
क्यों जरूरी है मानसून से पहले मुकम्मल नाला उड़ाही?
दोहरा फायदा: मोहल्ले के प्रबुद्ध जनों और वरिष्ठ नागरिकों का कहना है कि मानसून के आधिकारिक प्रवेश से पहले अगर नगर की छोटी-बड़ी सभी नालियों की मुकम्मल और तली से साफ-सफाई हो जाती है, तो शहरवासियों को इसका दोहरा लाभ मिलेगा.
- बाढ़ और जलजमाव से मुक्ति: मूसलाधार बारिश के दिनों में भी गलियों, सड़कों और रिहायशी मोहल्लों में नाले का गंदा पानी बैक नहीं मारेगा और जलजमाव नहीं होगा.
- बीमारियों पर लगाम: नाले साफ होने से पानी एक जगह ठहरेगा नहीं और वह सीधे मुख्य ड्रेनेज के जरिए बाहर निकल जाएगा. पानी गतिशील रहने से इलाके में मच्छरों का प्रकोप नहीं बढ़ेगा, जिससे डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड जैसी घातक मौसमी बीमारियों के फैलने का खतरा न्यूनतम हो जाएगा.
जनता की मांग: केवल फोटो खिंचाने के बजाय जमीनी स्तर पर हो काम
हाईस्कूल रोड समेत अन्य उपेक्षित वार्डों के स्थानीय निवासियों ने मुख्य पार्षद और कार्यपालक पदाधिकारी से पुरजोर मांग की है कि सफाई के नाम पर केवल कागजी कोरम पूरा करने और फोटो खिंचाने के बजाय छूटे हुए सभी वार्डों में पूरी पारदर्शिता, ईमानदारी और मुस्तैदी के साथ नालियों की उड़ाही सुनिश्चित कराई जाए.
इसके साथ ही ग्रामीणों ने मांग की है कि सफाई कार्यों के दौरान नगर पंचायत के कनीय अभियंता (JE) या स्वच्छता निरीक्षक (Sanitary Inspector) खुद मौके पर मौजूद रहकर कार्यों का भौतिक अवलोकन (निरीक्षण) करें, ताकि संवेदक या सफाई कर्मी काम में किसी भी प्रकार की कोताही न बरत सकें. अब देखना यह है कि प्रशासन इस महत्वपूर्ण शिकायत के बाद हाईस्कूल रोड की सुध लेता है या नहीं.
