व्यावसायिक परिसर में लावारिस हालत में मिली मोटरसाइकिल, 72 घंटे बाद भी नहीं पहुंचा कोई दावेदार, जांच में जुटी पुलिस

Police Recovered Abandoned Motorcycle: पौआखाली थाना पुलिस ने नगर के एक व्यावसायिक परिसर से लावारिस स्थिति में एक अज्ञात मोटरसाइकिल जब्त की है, घटना के 72 घंटे बीत जाने के बाद भी अब तक गाड़ी पर दावा करने कोई भी मालिक सामने नहीं आया है, पुलिस अब नंबर के आधार पर छानबीन कर रही है.

पौआखाली से रणविजय की रिपोर्ट

Police Recovered Abandoned Motorcycle: किशनगंज जिले के पौआखाली थाना क्षेत्र से कानून व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़ी एक खबर सामने आ रही है. पौआखाली थाना पुलिस ने नगर के एक व्यस्त व्यावसायिक परिसर के पास से लावारिस और संदिग्ध स्थिति में खड़ी एक अज्ञात मोटरसाइकिल को बरामद किया है. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वाहन को जब्त कर लिया है और उसे थाना परिसर में सुरक्षित रखा गया है. स्थानीय पुलिस के अनुसार, इस घटना को बीते 72 घंटे से अधिक का समय हो चुका है, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से अब तक इस मोटरसाइकिल पर अपना मालिकाना हक जताने या कोई दावा पेश करने के लिए कोई भी व्यक्ति थाने नहीं पहुँचा है, जिससे मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है.

बानो ड्रग्स के सामने खड़ी थी पुरानी लाल बाइक, गृह रक्षा वाहिनी के पूर्व अधिकारी ने दी सूचना

मोटरसाइकिल की बरामदगी और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी निम्नलिखित बिंदुओं के जरिए समझी जा सकती है:

  • देर रात की घटना: मिली जानकारी के अनुसार, यह मामला गुरुवार की रात का है. नगर के शीशागाछी मोहल्ले में स्थित सेवानिवृत्त निरीक्षक (होमगार्ड/गृह रक्षा वाहिनी) मोहम्मद गुलाम हबीब का एक व्यावसायिक परिसर है.
  • परिसर के बाहर हलचल: इस परिसर में संचालित ‘बानो ड्रग्स’ (दवा दुकान) एवं ‘साबिर इलेक्ट्रॉनिक्स’ के ठीक सामने एक पुरानी लाल रंग की अज्ञात पैशन/स्प्लेंडर मोटरसाइकिल काफी समय से लावारिस हालत में खड़ी थी.
  • सक्रिय हुआ स्थानीय प्रशासन: बाजार बंद होने के बाद भी जब मोटरसाइकिल को लंबे समय तक उसी स्थान पर अकेला और लावारिस स्थिति में देखा गया, तो किसी अनहोनी या चोरी की आशंका को देखते हुए मोहम्मद गुलाम हबीब ने इसकी सूचना तुरंत स्थानीय पौआखाली थाना पुलिस को दी. सूचना मिलते ही पुलिस की गश्ती टीम तत्काल मौके पर पहुँची और बाइक को अपने कब्जे में लेकर थाने ले आई.

गाड़ी का निबंधन संख्या (रजिस्ट्रेशन नंबर) और कानूनी प्रक्रिया

वाहन का विवरण: पुलिस द्वारा जब्त की गई इस पुरानी लाल रंग की अज्ञात मोटरसाइकिल का आधिकारिक निबंधन संख्या BR 37-7187 है. पुलिस इस नंबर प्लेट की सत्यता की भी जांच कर रही है कि यह नंबर असली है या अपराधियों द्वारा पुलिस को चकमा देने के लिए फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल किया गया है.

स्टेशन डायरी दर्ज, असली मालिक का पता लगाने में जुटी पुलिस: थानाध्यक्ष

थानाध्यक्ष का आधिकारिक बयान:

पूरे मामले की आधिकारिक जानकारी देते हुए पौआखाली थानाध्यक्ष शंख राज कर्ण ने बताया कि लावारिस स्थिति में बरामद की गई मोटरसाइकिल फिलहाल पुलिस अभिरक्षा (Police Custody) में पूरी तरह सुरक्षित है. उन्होंने पुष्टि की कि पिछले तीन दिनों (72 घंटों) में इस मोटरसाइकिल के स्वामित्व (Ownership) को लेकर किसी भी स्थानीय नागरिक या बाहरी व्यक्ति ने पुलिस के समक्ष कोई लिखित या मौखिक दावा पेश नहीं किया है और न ही किसी ने गाड़ी गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवाई है.

थानाध्यक्ष शंख राज कर्ण ने आगे बताया कि इस मामले में वैधानिक और नियमसंगत कार्रवाई करते हुए थाने में स्टेशन डायरी (सनहा) दर्ज कर ली गई है, और इसकी विस्तृत लिखित सूचना जिला पुलिस अधीक्षक (SP Kishanganj) को भी आधिकारिक तौर पर भेज दी गई है. पुलिस की तकनीकी टीम अब परिवहन विभाग के ‘वाहन’ पोर्टल के माध्यम से मोटरसाइकिल के चेसिस नंबर और इंजन नंबर के जरिए उसके असली मालिक और पते का पता लगाने का प्रयास कर रही है. पुलिस ने आस-पास के थानों को भी इसकी सूचना भेज दी है ताकि यदि यह बाइक चोरी की हो, तो इसका खुलासा जल्द हो सके.

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लेखक के बारे में

Published by: Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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