किशनगंज चुनाव आयोग द्वारा जारी अधिसूचना के साथ ही जिले में चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है. चुनाव की घोषणा हो चुकी है और टिकट की चाहत रखने वालों के लिए एक पांव पटना तो दूसरा पांव दिल्ली में है. जिले के चार विधानसभा क्षेत्र में मतदान दूसरे चरण में 11 नवंबर को है और 13 अक्टूबर से नामांकन शुरू होगा. जिले की चार विधानसभा सीट पर कब्जा जमाने को लेकर राजग व महागठबंधन के आला अधिकारी एक दूसरे के गढ़ में सेंधमारी को रणनीति तय करने में जुटे हैं. वहीं,एआईएमआईएम और जन सुराज के आलाकमान हर सीट पर नजर बनाएं हुए हैं. संभावित प्रत्याशी टिकट के लिए पटना मुख्यालय में डेरा जमाए हुए हैं. जिनकी टिकट पक्की है वो क्षेत्र में घूम रहें हैं.जिले में चार विधानसभा क्षेत्र हैं और वर्तमान में चारों सीट महागठबंधन के पास है.साल 2015 में हुए विधानसभा चुनाव पर चर्चा करें तो जिले की चार विधानसभा सीट में से दो पर जेडीयू ने तो दो पर कांग्रेस सीट का कब्जा रहा.ठाकुरगंज और कोचाधामन विधानसभा सीट पर जेडीयू व किशनगंज एवं बहादुरगंज सीट पर कांग्रेस का कब्जा रहा.जबकि साल 2020 के चुनाव में ठाकुरगंज पर राजद,किशनगंज सीट पर कांग्रेस तथा बहादुरगंज और कोचाधामन में एआईएमआईएम ने कब्जा जमाया था. हालांकि बाद में इन दोनों विधायक ने राजद का दामन थाम लिया था.
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