ठाकुरगंज. सीमांचल के सबसे अहम रेलखंडों में शामिल सिलीगुड़ी–कटिहार सेक्शन पर बड़ी अव्यवस्था सामने आयी है. एक ही गंतव्य (कटिहार) के लिए सिलीगुड़ी से थोड़े-थोड़े अंतराल पर अलग-अलग रूट से ट्रेनें चल रही हैं, लेकिन वाया की जानकारी न होने से यात्रियों में भारी भ्रम की स्थिति बन रही है. बताते चलें कि सिलीगुड़ी से कटिहार के लिए दोपहर के वक्त दो ट्रेनें खुलती हैं. पहली इंटरसिटी ट्रेन 15702 दोपहर 12:45 पर सिलीगुड़ी से कटिहार के लिए खुलती है. दूसरी इंटरसिटी ट्रेन 15720 दोपहर दो बजे खुलती है. यहीं से परेशानी शुरू होती है. दोनों ट्रेनों का नाम व गंतव्य एक जैसा है, लेकिन रूट अलग-अलग है. पहली ट्रेन 15702 इंटरसिटी सिलीगुड़ी से निकलकर ठाकुरगंज दोपहर दो बजे पहुंचती है. यह ट्रेन ठाकुरगंज से रूट बदलकर भोगडाबर, कादोगांव, पोवाखाली, तुलसिया, बीबीगंज, अररिया, पूर्णिया होते हुए कटिहार पहुंचती है. वहीं दूसरी ट्रेन (15720 इंटरसिटी) सिलीगुड़ी से निकलकर दोपहर तीन बजे ठाकुरगंज पहुंचती है. इसके बाद यह किशनगंज-कटिहार वाले मुख्य रूट (तैयबपुर–पोठिया–अलुआबाड़ी रोड–पंजीपाड़ा) से होकर कटिहार जाती है. दोनों ट्रेनों के कोच पर सिर्फ कटिहार–सिलीगुड़ी लिखा रहता है, वाया किशनगंज या वाया अररिया रूट का कोई उल्लेख नहीं रहता है. प्लेटफॉर्म डिस्प्ले में भी स्पष्ट जानकारी का अभाव है, जिसका नतीजा यह होता है कि यात्री गलत ट्रेन में चढ़ जाते हैं. इससे समय और पैसे का नुकसान तो होता ही है, साथ ही सबसे ज्यादा परेशान नए यात्री होते हैं. कभी-कभार तो रोजाना सफर करने वालों में भी असमंजस की स्थिति हो जाती है.
डिस्प्ले व कोच पर ''वाया'' की जानकारी नहीं, ठाकुरगंज में रोज भ्रमित हो रहे रेल यात्री
डिस्प्ले व कोच पर 'वाया' की जानकारी नहीं, ठाकुरगंज में रोज भ्रमित हो रहे रेल यात्री
