धर्मशालाओं में शोर का ''आतंक'', आधी रात तक पटाखों व डीजे से लोग परेशान

धर्मशालाओं में शोर का 'आतंक', आधी रात तक पटाखों व डीजे से लोग परेशान

बुजुर्गों व बीमारों की बढ़ी मुश्किलें, 112 पर शिकायत के बाद भी नहीं होती कार्रवाई

ठाकुरगंज. शहर के विभिन्न मोहल्लों में स्थित धर्मशालाओं के आसपास रहने वाले लोगों का जीना इन दिनों मुहाल हो गया है. शादियों व अन्य आयोजनों के नाम पर देर रात तक बजने वाले हाई-डेसिबल डीजे व पटाखों के शोर ने स्थानीय निवासियों की शांति छीन ली है. आलम यह है कि मध्य रात्रि के बाद भी कार्यक्रमों का शोर थमने का नाम नहीं लेता, जिससे पूरा इलाका त्रस्त है.

बच्चे व बुजुर्ग सबसे अधिक प्रभावित

स्थानीय लोगों का कहना है कि तेज आवाज में बजते फिल्मी गानों व आतिशबाजी के कारण बच्चों की पढ़ाई व बुजुर्गों की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है. खासकर हृदय रोगी व बीमार व्यक्तियों के लिए यह शोर जानलेवा साबित हो रहा है. पटाखों की गूंज से मोहल्लों में दहशत का माहौल रहता है, लेकिन आयोजकों को इससे कोई सरोकार नहीं है.

शिकायत पर पुलिस का ”ठंडा” रुख

हैरानी की बात यह है कि जब पीड़ित नागरिक सहायता के लिए डायल 112 पर कॉल करते हैं, तो पुलिस की ओर से संतोषजनक कार्रवाई नहीं होती. लोगों का आरोप है कि पुलिस ”शादी-व्याह का मामला” बताकर शिकायत को नजरअंदाज कर देती है. प्रशासन की इस बेरुखी के कारण धर्मशाला प्रबंधकों व आयोजकों के हौसले बुलंद हैं. वे ध्वनि प्रदूषण के नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं.

शांति बनाए रखने की मांग

थके-हारे मोहल्लावासियों ने अब जिला प्रशासन व स्थानीय पुलिस से गुहार लगायी है कि देर रात तक डीजे बजाने व पटाखा फोड़ने पर सख्ती से रोक लगायी जाए. लोगों ने मांग की है कि निर्धारित समय सीमा के बाद शोर करने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाए, ताकि इलाके में शांति व्यवस्था बनी रहे व आम लोगों को राहत मिल सके.

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Author: AWADHESH KUMAR

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