पौआखाली पूर्व मंत्री व जदयू नेता नौशाद आलम को बिहार राज्य उर्दू परामर्शदात्री समिति का अध्यक्ष मनोनीत किए जाने के बाद जिले में जदयू नेताओं कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल है. इसके लिए पूर्व मंत्री नौशाद आलम को जगह-जगह से बधाइयां मिल रही है. हालांकि पूर्व विधायक गोपाल कुमार अग्रवाल के पार्टी में दोबारा वापसी के बाद से ही यह कयास भी लगाया जा रहा था कि जदयू में इसबार ठाकुरगंज की सीट में उलटफेर देखने को मिलेगा और नौशाद आलम के चुनाव नहीं लड़ने की स्थिति में हो न हो चुनावी तारीखों के ऐलान से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पूर्व मंत्री नौशाद आलम को किसी प्रतिष्ठित पद पर मनोनीत करेंगे. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नौशाद आलम को यह तोहफा ठीक उस वक्त दिया जब चुनाव आयोग दिल्ली में प्रेस कांफ्रेंस के जरिए बिहार विधानसभा चुनाव के तारीखों के ऐलान की तैयारी में थें. राज्य की द्वितीय राजभाषा उर्दू की प्रगति को लेकर गठित किये गए समिति जिनका कार्य उर्दू की तरक्की के लिए काम करना है तथा सरकारी बैठकों में अपना उचित सलाह परामर्श देना है. नौशाद आलम ठाकुरगंज सीट से अबकी बार चुनाव नहीं लड़ेंगे और पूर्व विधायक गोपाल कुमार अग्रवाल जो हाल ही में दुबारा पार्टी में शामिल हुए हैं उनको इस सीट से पार्टी चुनाव लड़ाने का मन बना चुकी है. बहरहाल नौशाद आलम को इस उपलब्धि के लिए तथा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष प्रह्लाद सरकार, पूर्व विधायक गोपाल कुमार अग्रवाल, जिलाध्यक्ष फिरोज अंजुम, इंद्रदेव पासवान, बुलंद अख्तर हाशमी, फैसल अहमद, प्रशांत पटेल, रियाज अहमद, मिन्हाज अख्तर, नसीम खान, निजामुद्दीन, रईस कैशर, नजरुल इस्लाम, हबेबुर रहमान, मो सद्दाम, मनोज साह, निरंजन सिंह, बांके बिहारी, सोनी वर्मा आदि ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी है.
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