किशनगंज से गौरव कुमार की रिपोर्ट
MP Mohammad Jawed: किशनगंज लोकसभा क्षेत्र में बढ़ते यातायात के दबाव और जर्जर सड़कों के कारण आम जनता को होने वाली परेशानियों को लेकर स्थानीय सांसद मुखर हो गए हैं. कांग्रेस सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद आजाद ने बिहार सरकार के माननीय पथ निर्माण मंत्री को एक आधिकारिक पत्र लिखा है. इस पत्र के माध्यम से सांसद ने जिला मुख्यालय और ग्रामीण इलाकों को जोड़ने वाली अत्यंत महत्वपूर्ण सड़कों के नए सिरे से निर्माण, सुदृढ़ीकरण और चौड़ीकरण (Widening) कार्य को वित्तीय वर्ष के बजट में शामिल करने का पुरजोर आग्रह किया है. सांसद ने चेताया है कि सीमांचल के इस रणनीतिक क्षेत्र में सड़कों की स्थिति दयनीय होने के कारण रोज घंटों जाम लग रहा है और सड़क हादसों में बेतहाशा वृद्धि हो रही है.
इन 4 प्रमुख लाइफलाइन सड़कों को टू-लेन करने की रूपरेखा
- किशनगंज-तैयबपुर-ठाकुरगंज पथ (लंबाई लगभग 45 किमी): यह मार्ग पहले ही स्टेट हाईवे (State Highway) घोषित किया जा चुका है. सांसद ने मांग की है कि बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (BSRDC) के माध्यम से एशियाई विकास बैंक (ADB) योजना के अंतर्गत इस पूरी 45 किलोमीटर की सड़क का अविलंब चौड़ीकरण कार्य शुरू कराया जाए, क्योंकि यह ठाकुरगंज और किशनगंज को जोड़ने वाली मुख्य धमनी है.
- डे-मार्केट से पौआखाली पथ (लंबाई लगभग 32 किमी): वर्तमान में लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधीन संचालित इस 32 किलोमीटर लंबी सड़क पर व्यावसायिक वाहनों का भारी दबाव है. जनहित को देखते हुए इसे अविलंब मानक ‘टू-लेन’ (दो-लेन) सड़क के रूप में विकसित किया जाना बेहद जरूरी है.
- लहरा चौक से चूड़ीपट्टी मार्ग (शहरी क्षेत्र): किशनगंज प्रखंड के अंतर्गत आने वाले लहरा चौक से लेकर पश्चिमपाली होते हुए चूड़ीपट्टी तक जाने वाले मार्ग के चौड़ीकरण की मांग की गई है, ताकि टाउन एरिया को भीषण जाम के झाम से स्थाई मुक्ति मिल सके.
- एकाइबा-महामदिया-बसदाहा-दुर्बली मार्ग (डगरूआ): किशनगंज लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पूर्णिया जिले के डगरूआ प्रखंड की इस महत्वपूर्ण सड़क (जो पथ प्रमंडल पूर्णिया के अधीन है) के चौड़ीकरण के साथ-साथ इस रूट पर आवश्यक पुलों (Bridges) के नए सिरे से निर्माण कराने की मांग भी पत्र में प्रमुखता से शामिल है.
बुनियादी ढांचे के अभाव में सुस्त पड़ी सीमांचल की रफ्तार
सड़कों के रखरखाव की अनदेखी: सांसद ने अपने पत्र में साफ लफ्जों में लिखा है कि वर्तमान में जिस तेजी से वाहनों की संख्या और व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ी हैं, उसके अनुपात में पीडब्ल्यूडी और पथ निर्माण विभाग द्वारा सड़कों का चौड़ीकरण और समय पर मेंटेनेंस (रखरखाव) नहीं किया गया है. इसके चलते कई मुख्य मार्ग पूरी तरह जर्जर और संकीर्ण (तंग) होकर रह गए हैं, जो रोज हादसों को आमंत्रण दे रहे हैं.
सकारात्मक विभागीय पहल की उम्मीद:
सांसद डॉ. मो. जावेद आजाद ने उम्मीद जताई है कि सीमांचल के विकास और जनहित की सुगमता को ध्यान में रखते हुए बिहार के पथ निर्माण मंत्री इन चारों बड़ी परियोजनाओं को प्राथमिकता सूची में डालेंगे. इन सड़कों के चौड़ीकरण से न केवल किशनगंज और पूर्णिया जिले की आंतरिक कनेक्टिविटी सुधरेगी, बल्कि पश्चिम बंगाल और नेपाल सीमा से होने वाले अंतराज्यीय परिवहन को भी भारी गति मिलेगी. स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने भी सांसद की इस पहल का स्वागत करते हुए राज्य सरकार से बजट आवंटन की मांग की है.
