किशनगंज: जिले में फिर सक्रिय हुआ मानसून, कई प्रखंडों में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी

किशनगंज जिले में मानसून की वापसी हो चुकी है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है. मौसम विभाग ने कई प्रखंडों में तेज बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की है.

अगस्त महीने की शुरुआत के साथ ही सीमांचल के किशनगंज जिले में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है. शनिवार को जिले के अधिकांश प्रखंडों में हल्की से मध्यम तो कई इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश की संभावना जताई गई है. दिनभर रुक-रुक कर होने वाली इस बारिश से लोगों को भीषण गर्मी और उमस से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है.

प्रखंडवार बारिश का पूर्वानुमान (Rainfall Forecast)

मौसम विभाग के अनुसार जिले के अलग-अलग प्रखंडों में बारिश की तीव्रता में भिन्नता देखने को मिलेगी:

  • सदर एवं कोचाधामन: इन दोनों प्रखंडों में सबसे अधिक 11.8 मिलीमीटर वर्षा होने का अनुमान है. यहां 90% संभावना के साथ गरज-चमक और तेज बारिश हो सकती है.
  • ठाकुरगंज एवं पोठिया: इन क्षेत्रों में लगभग 4.8 मिलीमीटर बारिश का अनुमान जताया गया है.
  • टेढ़ागाछ एवं बहादुरगंज: टेढ़ागाछ में 3.4 मिलीमीटर और बहादुरगंज में 2.9 मिलीमीटर तक बारिश होने की संभावना है.

तापमान और हवा की स्थिति

शनिवार को जिले के तापमान और मौसमी परिस्थितियों में निम्नलिखित बदलाव देखे जा सकते हैं:

  • अधिकतम तापमान: 31 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा.
  • न्यूनतम तापमान: 27 डिग्री सेल्सियस तक रहने का अनुमान है.
  • हवा की गति: पूर्व दिशा से 6 से 8 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी. हालांकि, वातावरण में नमी अधिक होने के कारण दोपहर के समय हल्की उमस महसूस हो सकती है.

खरीफ फसलों को मिलेगा नया जीवन

मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यह बारिश धान, मक्का, जूट और अन्य खरीफ फसलों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगी. खेतों में नमी मिलने से फसलों का विकास बेहतर होगा. हालांकि, किसानों को खेतों में पानी का भराव रोकने के लिए जलनिकासी (Drainage) की उचित व्यवस्था करने की सलाह दी गई है.

प्रशासन की अपील: वज्रपात से बरतें सावधानी

खराब मौसम और बिजली चमकने की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने आम नागरिकों और वाहन चालकों के लिए सतर्कता बरतने की अपील की है:

  1. सुरक्षित स्थानों पर रहें: गरज-चमक के दौरान खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें.
  2. जलाशयों से दूरी: नदियों, पोखरों और तालाबों के किनारे जाने से परहेज करें.
  3. वाहन चालकों के लिए निर्देश: सड़कों पर फिसलन को देखते हुए वाहनों की गति धीमी रखें और एक-दूसरे से सुरक्षित दूरी बनाकर चलें.


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लेखक के बारे में

By गौरव कुमार

गौरव कुमार प्रिंट माध्यम में 20 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 10 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. राजनीतिक, सामाजिक व अपराध की खबरों में विशेष रूचि है.

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