ठाकुरगंज (किशनगंज) से बच्छराज नखत की रिपोर्ट
Minor Boy Drowned: किशनगंज जिले के ठाकुरगंज प्रखंड अंतर्गत कुर्लिकोट थाना क्षेत्र में गुरुवार को एक दिल दहला देने वाले हादसे ने स्थानीय लोगों को स्तब्ध कर दिया. यहाँ पेट्रोल पंप के समीप रेल गेट के पास स्थित एक गहरे तालाब में नहाने के दौरान डूबने से 13 वर्षीय एक मासूम बालक की असामयिक और दर्दनाक मौत हो गई. इस भीषण हादसे की खबर जैसे ही फैली, पूरे अंचल में सन्नाटा पसर गया.
मृतक बालक की पहचान ठाकुरगंज नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 6 (नीटालबस्ती) निवासी सिकंदर सहनी के पुत्र रोहित सहनी के रूप में हुई है.
भीषण गर्मी से राहत पाने गया था तालाब, अचानक गहरे पानी में समाया
प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, सीमांचल में पड़ रही अत्यधिक भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप से राहत पाने के लिए रोहित दोपहर में मोहल्ले के अन्य बच्चों की टोली के साथ घर से निकला था.
- नहाने के दौरान हादसा: सभी बच्चे पेट्रोल पंप के पास स्थित रेल गेट तालाब में उतरकर नहा रहे थे और खेल रहे थे. इसी बीच, पानी की गहराई का अंदाजा न मिलने के कारण रोहित अचानक पैर फिसलने से गहरे पानी (दलदल वाले हिस्से) की ओर चला गया.
- सांसें थमने के बाद आया बाहर: रोहित को डूबता देख और पानी में हाथ-पैर मारते देख घाट पर मौजूद साथी बच्चों ने जोर-जोर से चीखना-चिल्लाना शुरू कर दिया. बच्चों का शोर सुनकर खेतों में काम कर रहे स्थानीय ग्रामीण और राहगीर तेजी से तालाब की तरफ दौड़े. जांबाज ग्रामीणों ने तुरंत पानी में छलांग लगाई और काफी मशक्कत के बाद रोहित को गहरे पानी से ढूंढकर बाहर निकाला. लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी, पानी फेफड़ों में भर जाने के कारण मासूम की सांसें हमेशा के लिए थम चुकी थीं.
मां की चीख-पुकार से रो पड़ा पूरा गांव, पुलिस ने कब्जे में लिया शव
परिजनों का बुरा हाल: रोहित की मौत की खबर जैसे ही नीटालबस्ती स्थित उसके घर पहुंची, कोहराम मच गया. मृतक की मां और बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है. मां की मर्मभेदी चीख-पुकार और विलाप सुनकर मौके पर मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं. पल भर में एक हंसता-खेलता गरीब परिवार गहरे मातम में डूब गया.
घटना की आधिकारिक सूचना मिलते ही कुर्लिकोट थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार पुलिस बल के साथ तुरंत घटना स्थल पर पहुंचे. पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर कागजी प्रक्रिया पूरी की. थानाध्यक्ष ने बताया कि शव का पंचनामा कर उसे अंत्यपरीक्षण (पोस्टमॉर्टम) के लिए सदर अस्पताल किशनगंज भेजा जा रहा है, ताकि मौत के सही कारणों की आधिकारिक पुष्टि हो सके.
मौके पर पहुंचे अंचलाधिकारी, सरकारी मुआवजे का दिया आश्वासन
हादसे की संवेदनशीलता को देखते हुए ठाकुरगंज के अंचलाधिकारी (CO) मृत्युंजय कुमार भी प्रशासनिक टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे और शोकाकुल परिजनों को ढांढस बंधाया. अंचलाधिकारी ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की कि आपदा प्रबंधन विभाग के नियमों और सरकारी प्रावधानों के तहत मृतक रोहित के आश्रितों को जल्द से जल्द 4 लाख रुपये की अनुग्रह अनुदान राशि (मुआवजा) उपलब्ध कराई जाएगी, जिसके लिए कागजी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
सुरक्षा इंतजाम न होने पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, निगरानी की मांग
इस दर्दनाक हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों और वार्ड पार्षदों ने प्रशासन के खिलाफ गहरी नाराजगी और रोष व्यक्त किया है.
ग्रामीणों की मुख्य मांगें:
- चेतावनी बोर्ड का अभाव: लोगों का कहना है कि क्षेत्र के कई तालाब और जलाश्य अत्यधिक गहरे और खतरनाक हैं, जहां गर्मी के मौसम में बच्चे बिना किसी रोक-टोक के नहाने पहुंच जाते हैं. लेकिन नगर प्रशासन या स्थानीय प्राधिकारी द्वारा ऐसे डेंजर जोन (Danger Zone) पर कोई चेतावनी बोर्ड या फेंसिंग नहीं लगाई गई है.
- निगरानी की व्यवस्था: बुद्धिजीवियों ने मांग की है कि ऐसे खतरनाक जलाशयों के पास चौकीदार या विशेष निगरानी की व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में किसी और मां की गोद सूनी न हो और ऐसे हादसों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके. फिलहाल इस घटना से पूरे ठाकुरगंज में गहरा शोक है.
