किशनगंज से राहुल की रिपोर्ट
Menaka Kumari: किशनगंज शहर के टाउन थाना क्षेत्र अंतर्गत डुमरिया भट्टा (वार्ड नंबर 29) से बीते दिनों संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुई 13 वर्षीय नाबालिग लड़की मेनका कुमारी की मौत का मामला अब एक बेहद पेचीदा और रहस्यमयी मोड़ पर पहुंच गया है. बुधवार को टाउन थाना पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञों की संयुक्त टीम ने माझिया नदी के समीप स्थित घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया. इस दौरान फॉरेंसिक और वैज्ञानिक साक्ष्यों को संकलित करने के क्रम में पुलिस के हाथ एक ऐसा सुराग लगा है, जिसने पूरी जांच की दिशा को बदलकर रख दिया है. पुलिस अधिकारी अब इस पूरे मामले को सोची-समझी साजिश और ऑन-स्पॉट साक्ष्यों से छेड़छाड़ (Tampering of Evidence) के कोण से भी देख रहे हैं.
सोमवार को गायब थे बाल, बुधवार को अचानक बिखरे मिले; क्या साक्ष्यों से हुई छेड़छाड़?
इस हाई-प्रोफाइल मौत मामले में सामने आई नई कड़ियों और पुलिसिया तफ्तीश के मुख्य बिंदुओं को निम्नलिखित रूप में समझा जा सकता है:
- क्राइम सीन का नया मोड़: बुधवार को जांच के दौरान अधिकारियों को पता चला कि सोमवार को जब माझिया नदी के किनारे से मृतका का शव बरामद किया गया था, तब उस विशिष्ट स्थान या उसके आसपास माथे के बाल मौजूद नहीं थे. लेकिन बुधवार को अचानक उसी जगह पर इंसानी माथे के बाल बिखरे हुए पाए गए हैं.
- गंभीरता से जुटी पुलिस: पुलिस प्रशासन इस बिंदु को बेहद गंभीरता और संदेहास्पद मान रहा है. प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत हो रहा है कि शव मिलने के बाद या तो किसी ने जानबूझकर वहां सबूत रोपने (Plant) की कोशिश की है या फिर घटना के पीछे कोई ऐसा सुराग है जो पहले छूट गया था. पुलिस इन बालों को डीएनए (DNA) मैपिंग और फॉरेंसिक लैब भेजने की तैयारी कर रही है ताकि स्पष्ट हो सके कि ये बाल मृतका के हैं या किसी संदिग्ध हत्यारे के.
28 मई से लापता थी मनोज साह की लाडली, नदी किनारे मिला था संदिग्ध शव
लापता होने से शव मिलने तक का घटनाक्रम: पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, डुमरिया भट्टा निवासी मनोज साह की 13 वर्षीय पुत्री मेनिका कुमारी बीते 28 मई की शाम करीब 04:00 बजे अपने घर से यह कहकर निकली थी कि वह पास के मैदान में टहलने जा रही है. जब वह देर रात तक वापस नहीं लौटी, तो परिजनों ने अपने स्तर से काफी खोजबीन की. कोई सुराग न मिलने पर पीड़ित परिवार के सदस्य लक्ष्मण कुमार साह ने टाउन थाने में गुमशुदगी का लिखित आवेदन दिया था. पुलिस अभी मामले की कड़ियां जोड़ ही रही थी कि सोमवार को माझिया नदी के किनारे उसका संदिग्ध शव बरामद हुआ.
हत्या या आत्महत्या? तमाम कोणों से तफ्तीश में जुटी टाउन थाना पुलिस
नदी किनारे शव मिलने की आधिकारिक सूचना मिलते ही बच्ची के रोते-बिलखते माता-पिता और परिजन मौके पर पहुंचे थे और कपड़ों व हुलिए के आधार पर मृतका की पहचान मेनका के रूप में की थी. इस वीभत्स घटना की खबर जैसे ही वार्ड संख्या 29 में फैली, पूरे मोहल्ले में मातमी सन्नाटा पसर गया. मृतका के माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है और वे स्थानीय प्रशासन से अविलंब न्याय की गुहार लगा रहे हैं.
किशनगंज टाउन थाना पुलिस के अनुसार, शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है. पुलिस की टीमें मृतका के मोबाइल डिटेल्स (यदि उपलब्ध हो), सहेलियों के बयान और घर से नदी तक के रास्तों पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगाल रही हैं. पुलिस का दावा है कि फॉरेंसिक टीम की वैज्ञानिक रिपोर्ट और घटनास्थल से मिले बालों की जांच के बाद इस अंधी हत्या या आत्महत्या की गुत्थी को जल्द ही सुलझा लिया जाएगा और दोषी जो कोई भी होगा, वह कानून की गिरफ्त में होगा.
