किशनगंज. विद्यार्थियों की समस्याओं को सीधे प्रशासन तक पहुंचाने और उनके समयबद्ध समाधान के उद्देश्य से मंगलवार को मारवाड़ी कॉलेज, किशनगंज में विद्यार्थी सहयोग शिविर का आयोजन किया गया. विकसित भारत-समृद्ध बिहार अभियान के तहत आयोजित इस शिविर में छात्र-छात्राओं की ओर से विभिन्न समस्याओं और शिकायतों से संबंधित कुल 16 आवेदन प्राप्त हुए. मौके पर जिलाधिकारी नवीन कुमार, पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी नासिर हुसैन और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी बबीता कुमारी मौजूद रहे. अधिकारियों ने विद्यार्थियों को शिकायत निवारण की ऑनलाइन व्यवस्था की जानकारी दी और बिना संकोच अपनी समस्याएं दर्ज कराने की अपील की.
16 आवेदनों से सामने आई विद्यार्थियों की समस्याएं
शिविर के दौरान विद्यार्थियों ने अपनी शैक्षणिक, प्रशासनिक और कॉलेज से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखा. कुल 16 आवेदन प्राप्त होने के बाद अधिकारियों ने विद्यार्थियों को भरोसा दिलाया कि उनकी शिकायतों को संबंधित विभागों तक भेजकर निर्धारित समय सीमा में समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा. शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करना भी रहा, ताकि छात्रों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अलग-अलग कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़े.
जिलाधिकारी ने बताया विद्यार्थी सहयोग पोर्टल का तरीका
शिविर को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी नवीन कुमार ने विद्यार्थियों को विद्यार्थी सहयोग पोर्टल की विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने बताया कि विद्यार्थी अपनी शैक्षणिक, प्रशासनिक या अन्य संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए sahyog.bihar.gov.in का उपयोग कर सकते हैं.
उन्होंने कहा कि ‘सबका सम्मान, जीवन आसान’ निश्चय के तहत प्रत्येक माह के चतुर्थ मंगलवार को विद्यार्थी सहयोग शिविर का नियमित आयोजन किया जाएगा. इसका उद्देश्य विद्यार्थियों की समस्याओं को सुनकर संबंधित विभागों के माध्यम से उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है.
30 दिनों के भीतर शिकायत के समाधान का दावा
पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने विद्यार्थियों को पोर्टल की उपयोगिता बताते हुए कहा कि विद्यार्थी किसी भी समय ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं. पोर्टल पर प्राप्त परिवादों के निष्पादन के लिए समयबद्ध व्यवस्था की गई है.
उन्होंने बताया कि दर्ज शिकायत का समाधान 30 दिनों के भीतर सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा और आवेदक को लिखित रूप से इसकी सूचना उपलब्ध कराई जाएगी. एसपी ने विद्यार्थियों से बिना किसी संकोच के अपनी समस्याएं सामने रखने और सरकारी व्यवस्था का लाभ उठाने की अपील की.
1100 पर मिलेगी मुफ्त सहायता
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी बबीता कुमारी ने बताया कि विद्यार्थी सहयोग योजना और पोर्टल से जुड़ी किसी भी तरह की जानकारी या सहायता के लिए विद्यार्थी निःशुल्क हेल्पलाइन नंबर 1100 पर संपर्क कर सकते हैं.
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सरल, सुलभ और प्रभावी मंच उपलब्ध कराना है. ऑनलाइन शिकायत व्यवस्था से विद्यार्थियों को अपनी समस्या दर्ज कराने और उसकी स्थिति जानने में भी सुविधा मिलेगी.
सम्मान के साथ शुरू हुआ कार्यक्रम
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत और सम्मान के साथ हुई. भौतिक विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. पार्थ बागची ने जिलाधिकारी नवीन कुमार को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया. वहीं मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. बिजेयता दास ने पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार को शॉल भेंट कर उनका अभिनंदन किया.
इसके बाद अधिकारियों ने विद्यार्थियों से संवाद किया और उनकी समस्याओं को सुना. शिविर के दौरान छात्र-छात्राओं में भी काफी उत्साह देखने को मिला.
शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मियों ने निभाई सक्रिय भूमिका
शिविर में महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक कुमार साकेत, डॉ. अश्वनी कुमार, डॉ. मनारुल हक, डॉ. बिजेयता दास, डॉ. उमाशंकर भारती, डॉ. पार्थ बागची, डॉ. इम्तियाज अली, डॉ. वीरेंद्र कुमार, डॉ. ए.के. पांडे, संतोष कुमार, डॉ. मदन कुमार मंडल, डॉ. राबिया परवीन और डॉ. सुनीता कुमारी मौजूद रहीं. वहीं शिक्षकेतर कर्मचारियों में अर्णब लाहिड़ी, रविकांत गुंजन, राजकुमार राम, राजेश कुमार, नीरज कुमार, संजय कुमार दास, बिरजू कुमार दास, गोपाल कुमार दास और करिश्मा ने भी आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाई.
छात्रों के लिए सीधा संवाद और समाधान का मंच
विद्यार्थी सहयोग शिविर के आयोजन से कॉलेज के छात्र-छात्राओं में उत्साह देखा गया. अधिकारियों ने इसे छात्र हित में महत्वपूर्ण पहल बताया. नियमित रूप से प्रत्येक माह शिविर आयोजित होने से विद्यार्थियों को अपनी समस्याएं प्रशासन के सामने रखने का अवसर मिलेगा. शिविर का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि विद्यार्थियों को ऑफलाइन आवेदन के साथ ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की सुविधा और समयबद्ध समाधान की जानकारी भी दी गई. इससे छात्र हित से जुड़े मामलों के त्वरित निस्तारण की उम्मीद बढ़ी है.
