किशनगंज से गौरव कुमार की रिपोर्ट
Mahananda Bridge Traffic Jam: बिहार के किशनगंज जिला अंतर्गत कोचाधामन प्रखंड के मस्तान चौक के निकट स्थित महानंदा पुल इन दिनों भीषण और अंतहीन ट्रैफिक जाम का केंद्र बन गया है. पुल और उसके आस-पास के एप्रोच मार्ग पर प्रतिदिन लगने वाले इस जाम के कारण पूरे क्षेत्र का आवागमन चरमरा गया है. आम जनता की इस रोज़ाना की प्रशासनिक और मानसिक प्रताड़ना को देखते हुए कोचाधामन के पूर्व विधायक सह राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के कद्दावर नेता मुजाहिद आलम ने मामले को गंभीरता से लिया है. उन्होंने किशनगंज के एसपी संतोष कुमार को एक आधिकारिक पत्र प्रेषित कर पुल पर सुचारू यातायात व्यवस्था बहाल करने और इस समस्या का तुरंत प्रशासनिक निदान ढूंढने की पुरजोर मांग की है.
स्कूली बच्चों और गंभीर मरीजों को झेलनी पड़ रही फजीहत; 12 घंटे ड्यूटी का आग्रह
पूर्व विधायक मुजाहिद आलम ने पुलिस कप्तान को लिखे अपने पत्र में मस्तान चौक और महानंदा पुल की ज़मीनी हकीकत बयां करते हुए मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं को रेखांकित किया है:
- घंटों फंसती हैं एम्बुलेंस: पुल पर लगने वाले अप्रत्याशित जाम की वजह से सदर अस्पताल या पूर्णिया रेफर किए जाने वाले गंभीर मरीजों और प्रसूती माताओं को लेकर जा रही एम्बुलेंस घंटों फंसी रहती हैं, जिससे कई बार मरीजों की जान पर बन आती है.
- स्कूली बच्चों की परेशानी: सुबह और दोपहर के समय कोचाधामन क्षेत्र के विभिन्न सीबीएसई और सरकारी विद्यालयों की गाड़ियां, पैदल और साइकिल से जाने वाले छात्र-छात्राएं इस जाम की वजह से समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाते हैं.
- ट्रैफिक पुलिस की 12 घंटे मुस्तैदी की मांग: पूर्व विधायक ने एसपी से विशेष आग्रह किया है कि जब तक इस सड़क और पुल के चौड़ीकरण या बाईपास का निर्माण नहीं हो जाता, तब तक कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए रोजाना सुबह 08:00 बजे से लेकर रात 08:00 बजे तक (12 घंटे की शिफ्ट में) विशेष ट्रैफिक पुलिस बल और होमगार्ड के जवानों की स्थायी तैनाती सुनिश्चित की जाए.
एसपी संतोष कुमार ने दिया त्वरित कार्रवाई का भरोसा; स्थानीय ग्रामीणों ने की सराहना
महानंदा पुल के इस संवेदनशील और गंभीर मुद्दे पर संज्ञान लेते हुए किशनगंज के पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने पूर्व विधायक और स्थानीय प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया है कि जिला पुलिस प्रशासन जनता की इस तकलीफ से पूरी तरह वाकिफ है. एसपी ने भरोसा दिलाया कि मस्तान चौक और महानंदा पुल के मुहाने पर वाहनों की कतार न लगे, इसके लिए कोचाधामन थाना पुलिस और जिला ट्रैफिक विंग को विशेष रूप से निर्देशित किया जा रहा है. पीक ऑवर्स (व्यस्ततम समय) के दौरान बड़े और भारी मालवाहक वाहनों के परिचालन को रेगुलेट करने के लिए भी उचित कदम उठाए जाएंगे.
इधर, स्थानीय ग्रामीणों, व्यवसायियों और राहगीरों ने पूर्व विधायक की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यदि जल्द ही इस व्यस्ततम पुल को नो-पार्किंग जोन घोषित कर ट्रैफिक पुलिस की तैनाती नहीं की गई, तो मस्तान चौक के व्यापारी और आम नागरिक सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे.
