किशनगंज. जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में सोमवार देर शाम अचानक मौसम का मिजाज बदल गया. तेज आंधी-तूफान, बारिश व ओलावृष्टि ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया. लगभग आधे घंटे तक चली तेज हवाओं व ओलों की बारिश से खेतों में खड़ी मक्के की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है, वहीं कई जगहों पर बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गयी. दिघलबैंक इलाके में तो करीब 10 मिनट तक बर्फ के गोलों की बारिश हुई, जिससे पूरा क्षेत्र सफेद चादर से ढका नजर आया.
खेतों में बिछ गयी मक्के की फसल, किसानों की बढ़ी चिंता
स्थानीय लोगों के अनुसार, शाम के समय अचानक काले बादल छा गए व तेज हवाएं चलने लगीं. इसके कुछ ही देर बाद बड़े-बड़े ओले गिरने लगे, जिससे लोग घरों में दुबकने को मजबूर हो गए. इस बेमौसम प्राकृतिक आपदा से मकई, गेहूं व सब्जियों की फसल को काफी नुकसान होने की आशंका जतायी जा रही है. खेतों में खड़ी मकई की फसल तेज हवा के कारण कई जगह गिर गयी है. किसानों का कहना है कि फसल पकने के समय इस तरह की ओलावृष्टि उनके लिए बड़ी आर्थिक मार है.
बिजली के तार टूटने से अंधेरे में डूबे कई गांव
आंधी व ओलों की वजह से कई जगहों पर पेड़ की डालियां टूटकर सड़कों पर गिर गयीं, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ. तेज हवा की वजह से कुछ स्थानों पर बिजली के तार टूटने व पोल क्षतिग्रस्त होने की भी सूचना है, जिसके कारण कई ग्रामीण इलाकों में देर रात तक अंधेरा छाया रहा. मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से यह बदलाव देखा जा रहा है व अगले एक-दो दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना जतायी गयी है. फिलहाल, लोग मौसम के स्थिर होने व सामान्य स्थिति की उम्मीद कर रहे हैं.
