किशनगंज से राहुल कुमार की रिपोर्ट
Kishanganj Weather: बिहार के सीमावर्ती जिला किशनगंज में गुरुवार की सुबह मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया. तड़के से शुरू हुई झमाझम वर्षा ने पूरे शहर को सराबोर कर दिया, जिससे पिछले कई दिनों से पड़ रही उमस और तपिश का अंत हो गया और मौसम खुशनुमा बन गया. इस सुहावने मौसम से लोगों ने राहत की सांस ली ही थी कि जलजमाव की चिरपरिचित समस्या ने एक बार फिर विकराल रूप धारण कर लिया. जलनिकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण बारिश का पानी सड़कों पर जमा हो गया है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी फजीहत झेलनी पड़ रही है.
शहर के ये प्रमुख वीआईपी मार्ग और चौक-चौराहे बने ‘तालाब’
बारिश के कारण शहर का शायद ही कोई ऐसा मुख्य इलाका बचा हो जो जलजमाव से अछूता रहा हो. स्थानीय स्थिति के अनुसार इन प्रमुख मार्गों पर सबसे बदतर हालात देखे गए:
- पश्चिमपाली चौक और एनएच सर्विस रोड: इन व्यवसायिक केंद्रों के पास मुख्य सड़क पर घुटनों तक पानी भर गया है, जिससे दुकानों में भी पानी घुसने का खतरा मंडरा रहा है.
- रेलवे स्टेशन और हॉस्पिटल रोड: धर्मगंज चौक से रेलवे स्टेशन जाने वाली महत्वपूर्ण सड़क और सदर अस्पताल को जोड़ने वाली हॉस्पिटल रोड पूरी तरह जलमग्न हो गई है, जिससे मरीजों और रेल यात्रियों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
- शिक्षण संस्थानों के मार्ग: मारवाड़ी कॉलेज रोड और इंसान स्कूल रोड पर पानी जमा होने के कारण सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों और छात्र-छात्राओं को उठानी पड़ी, जिन्हें गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ा.
- तेघरिया और रुईधासा क्षेत्र: तेघरिया मुख्य सड़क के साथ-साथ रुईधासा हनुमान मंदिर से कजलामनी जाने वाली सड़क पर भी पानी का सैलाब तैरता नजर आया.
इंजीनियरिंग की खामी आई सामने; सड़कों पर बह रहा नाले का गंदा पानी
इस जल संकट ने नगर परिषद के सफाई और ड्रेनेज सिस्टम के दावों की हकीकत बयां कर दी है. शहर के कई इलाकों में नालियों की समय पर उड़ाही न होने के कारण नाले का कचरा और गंदा पानी ओवरफ्लो होकर मुख्य सड़कों पर बह रहा है, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ गया है.
निर्माण शैली पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों ने नगर निकाय की अजीबोगरीब निर्माण शैली पर सवाल उठाते हुए बताया कि कई मोहल्लों में तो नालियां बनाई ही नहीं गई हैं, और जहां बनी भी हैं, वहां की इंजीनियरिंग बेहद दोषपूर्ण है. कई वार्डों में नालियों को तो सड़क से काफी ऊंचा कर दिया गया, लेकिन सड़क को जस का तस नीचा ही छोड़ दिया गया. इस तकनीकी खामी का नतीजा यह है कि घरों और सड़कों का पानी नालियों में जाने के बजाय सीधे रास्तों पर ही जमा हो जाता है.
स्थानीय निवासियों ने की स्थायी समाधान की मांग; प्रशासन को दी चेतावनी
जनता की पुकार: स्थानीय मोहल्ला वासियों और व्यापारियों का कहना है कि हर साल मानसून की शुरुआत में उन्हें इसी नारकीय स्थिति से गुजरना पड़ता है, जिससे व्यापार ठप हो जाता है और बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है.
नगर परिषद प्रशासन के प्रति गहरा आक्रोश
शहरी उपभोक्ताओं ने नगर परिषद प्रशासन के प्रति गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि बार-बार टैक्स बढ़ाने के बावजूद उन्हें बुनियादी सुविधाएं तक नसीब नहीं हो रही हैं. स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने जिलाधिकारी और कार्यपालक पदाधिकारी से मांग की है कि इस समस्या का कोई तदर्थ (अस्थायी) उपाय ढूंढने के बजाय मास्टर प्लान बनाकर जलनिकासी का स्थायी समाधान निकाला जाए. लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जलजमाव वाले हॉटस्पॉट से पानी हटाने के लिए सक्शन पंप नहीं लगाए गए और नालियों को दुरुस्त नहीं किया गया, तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होंगे.
