किशनगंज के ठाकुरगंज में तस्करी से पहले पकड़ी गई 10 भैंसों से लदी पिकअप, चालक गिरफ्तार, तस्करी गिरोह की तलाश तेज

ठाकुरगंज थाना क्षेत्र में पुलिस ने पश्चिम बंगाल ले जाई जा रही 10 भैंसों से लदी एक पिकअप वैन को जब्त कर लिया है. इस कार्रवाई में चालक को गिरफ्तार किया गया है और एक बड़े तस्करी गिरोह का पर्दाफाश होने की उम्मीद है.

Kishanganj News: किशनगंज जिले के ठाकुरगंज थाना क्षेत्र में पुलिस ने मवेशी तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 भैंसों से लदी एक पिकअप वैन जब्त कर ली. पुलिस का दावा है कि इन मवेशियों को चोरी-छिपे पश्चिम बंगाल ले जाया जा रहा था. समय रहते की गई घेराबंदी और वाहन जांच के कारण तस्करी की यह कोशिश नाकाम हो गई. इस कार्रवाई के बाद सीमावर्ती इलाके में सक्रिय तस्करी नेटवर्क की जांच भी तेज कर दी गई है.

ठाकुरगंज पुलिस के अनुसार जब्त वाहन से 10 भैंसें बरामद हुईं और चालक आवश्यक परिवहन दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका. इसके बाद वाहन को जब्त कर चालक को गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि मवेशियों को कहां से लाया गया था और उन्हें पश्चिम बंगाल में किसके पास पहुंचाया जाना था.

गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई

थानाध्यक्ष अंजय अमन ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि लोहागड़ा से खरना मार्ग होते हुए पानबारा-सोनापुर की दिशा में एक पिकअप वाहन से बड़ी संख्या में भैंसों की अवैध ढुलाई की जा रही है.

सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने संभावित मार्ग पर घेराबंदी कर सघन वाहन जांच अभियान शुरू किया. जांच के दौरान संदिग्ध पिकअप वाहन को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें 10 भैंसें लदी मिलीं.

वैध दस्तावेज नहीं दिखा सका चालक

पुलिस ने चालक से मवेशियों के परिवहन संबंधी वैध कागजात मांगे, लेकिन वह कोई संतोषजनक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका. इसके बाद वाहन को जब्त कर चालक को गिरफ्तार कर लिया गया.

गिरफ्तार चालक की पहचान बादल कुमार सिंह, पिता रामेश्वर सिंह, निवासी कुड़ीडांगी, थाना ठाकुरगंज, जिला किशनगंज के रूप में हुई है. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है.

थाना परिसर में रखी गईं जब्त भैंसें

थानाध्यक्ष ने बताया कि बरामद सभी 10 भैंसों को फिलहाल थाना परिसर में सुरक्षित रखा गया है. न्यायालय के आदेश के बाद नियमानुसार उन्हें संबंधित गौशाला को सुपुर्द किया जाएगा.

पुलिस का कहना है कि बरामद मवेशियों की स्थिति और स्वामित्व से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है ताकि पूरे मामले की वास्तविक कड़ी सामने आ सके.

सीमावर्ती तस्करी नेटवर्क की जांच तेज

पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि मवेशियों को कहां से लाया गया था, उन्हें किसके पास पहुंचाया जाना था और इस तस्करी गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं. अन्य संदिग्धों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है.

सीमावर्ती क्षेत्रों में लंबे समय से मवेशी तस्करी एक चुनौती बनी हुई है. ऐसे मामलों में अक्सर कई जिलों और सीमावर्ती मार्गों का इस्तेमाल किया जाता है. इसलिए पुलिस इस कार्रवाई को एक बड़े नेटवर्क से जोड़कर भी जांच रही है.

Kishanganj News: आगे भी जारी रहेगा विशेष अभियान

थानाध्यक्ष अंजय अमन ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र में मवेशी तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा. तस्करी में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और पूरे नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

स्थानीय लोगों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से सीमावर्ती इलाकों में अवैध मवेशी परिवहन पर रोक लगाने में मदद मिलेगी और तस्करी से जुड़े संगठित गिरोहों पर दबाव बढ़ेगा.

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लेखक के बारे में

By बच्छराज

बच्छराज प्रिंट माध्यम में 25 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. ठाकुरगंज (किशनगंज) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

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