किशनगंज. कोचाधामन के पूर्व विधायक मुजाहिद आलम ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर दावा किया है कि मलेशिया में सीमांचल के करीब 20 से 25 युवकों को गिरफ्तार किया गया है. उनके अनुसार गिरफ्तार युवकों में रौटा थाना क्षेत्र के काछटोला-शीशाबाड़ी निवासी नासिक बाबू भी शामिल हैं. पूर्व विधायक के मुताबिक नासिक बाबू ने मलेशिया से ही वीडियो भेजकर अपनी परेशानी की जानकारी दी है.
बिना वैध वीजा काम करने के आरोप में कार्रवाई का दावा
पूर्व विधायक मुजाहिद आलम के अनुसार मलेशियन पुलिस और इमिग्रेशन विभाग ने युवकों को उनके कार्यस्थल से बिना वैध वीजा के काम करने के आरोप में गिरफ्तार किया है. उनका दावा है कि गिरफ्तार युवक सीमांचल के अलग-अलग इलाकों से हैं.
हालांकि, मलेशिया में इन युवकों की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ लगे आरोपों की फिलहाल स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों की जानकारी सामने आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
सात महीने पहले मलेशिया भेजे जाने का आरोप
पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि गिरफ्तार किए गए युवक उन करीब 40 युवकों में शामिल हैं, जिन्हें लगभग सात महीने पहले नाहिद गनी के माध्यम से मलेशिया भेजा गया था. उनका आरोप है कि विदेश भेजने के नाम पर युवकों से मोटी रकम ली गयी थी. कई युवकों द्वारा इसके लिए कर्ज लेने की बात भी पूर्व विधायक ने कही है. उन्होंने दावा किया कि करीब पांच दिन पहले भी कुछ युवकों ने जंगल में छिपकर वीडियो कॉल के माध्यम से अपनी परेशानी बतायी थी. पूर्व विधायक के अनुसार इमिग्रेशन कार्रवाई के डर से ये युवक जंगल में छिपे हुए थे.
'इन युवकों का कसूर क्या है' - मुजाहिद आलम
मुजाहिद आलम ने सवाल उठाया कि बेहतर रोजगार की उम्मीद में कर्ज लेकर विदेश गए युवकों का कसूर क्या है, जिन्हें अब जेल जाना पड़ रहा है. उन्होंने नाहिद गनी पर धोखाधड़ी और आर्थिक शोषण का आरोप लगाते हुए पूरे मामले में जिम्मेदारी तय करने की मांग की. पूर्व विधायक ने यह भी कहा कि जब उन्होंने नाहिद गनी के खिलाफ आवाज उठायी तो उनके समर्थकों की ओर से सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोल किया गया.
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दुबई गए सात युवकों का भी दिया हवाला
पूर्व विधायक ने बीते दिनों कोचाधामन और अमौर के सात युवकों के दुबई जाने के मामले का भी जिक्र किया. उनके अनुसार इन युवकों को नाहिद गनी के माध्यम से दुबई भेजा गया था, लेकिन बाद में वे किसी तरह वापस अपने घर लौटे. नाहिद गनी एआईएमआई के युवा प्रकोष्ठ के नेता बताए जाते हैं और कई वर्षों से टूर एंड ट्रैवल एजेंसी चलाने की बात कही गयी है. इन आरोपों और पूर्व में विदेश भेजे गए युवकों से जुड़े मामलों की भी स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट के स्तर पर नहीं हुई है.
आधिकारिक पुष्टि के बाद ही साफ होगी तस्वीर
मलेशिया में सीमांचल के युवकों की गिरफ्तारी से जुड़े दावे के बाद उनके परिवारों और क्षेत्र के लोगों में चिंता बढ़ सकती है. हालांकि, अभी तक मलेशियाई अधिकारियों या संबंधित भारतीय एजेंसियों की ओर से गिरफ्तारी, युवकों की संख्या और वीजा संबंधी आरोपों पर कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आयी है. ऐसे में मामले की वास्तविक स्थिति मलेशियाई पुलिस, इमिग्रेशन विभाग या संबंधित भारतीय अधिकारियों की आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी.
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