किशनगंज, बेलवा. जिला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल में पिछले कई दिनों से कथित दलालों के सक्रिय होने की शिकायत पर शनिवार को प्रशासन ने कार्रवाई की. एसडीएम अनिकेत कुमार को सूचना मिली थी कि अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों को निजी नर्सिंग होम में रेफर कराने के नाम पर कुछ लोग बहला-फुसलाकर वहां ले जाने का प्रयास कर रहे हैं. सूचना के बाद एसडीएम पुलिस टीम के साथ अचानक सदर अस्पताल पहुंचे. प्रशासनिक टीम के पहुंचते ही अस्पताल परिसर में मौजूद कथित दलालों में हड़कंप मच गया और कई लोगों के मौके से फरार होने की बात सामने आई.
निजी नर्सिंग होम ले जाने के लिए परिजनों पर दबाव का आरोप
बताया जा रहा है कि शनिवार को लेबर रूम में भर्ती एक गर्भवती महिला के परिजनों को तीन कथित दलाल निजी अस्पताल ले जाने के लिए दबाव बना रहे थे. आरोप है कि वे परिजनों को सदर अस्पताल में बेहतर इलाज नहीं होने की बात कहकर डराने और निजी नर्सिंग होम जाने के लिए तैयार करने का प्रयास कर रहे थे. निजी एंबुलेंस से मरीज को तत्काल बाहर ले जाने की बात भी कहे जाने का आरोप है.
इसी तरह की शिकायतें अस्पताल के ओपीडी और इमरजेंसी वार्ड से भी मिलने की बात सामने आई है. शिकायतों के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अचानक निरीक्षण और छापेमारी की.
एसडीएम के पहुंचते ही मची अफरातफरी
एसडीएम अनिकेत कुमार पुलिस टीम के साथ सदर अस्पताल पहुंचे. जैसे ही उनका सरकारी वाहन अस्पताल परिसर में दाखिल हुआ, वहां मौजूद कथित दलालों में अफरातफरी मच गयी. सूत्रों के अनुसार कार्रवाई की भनक लगते ही कई लोग मौके से निकल गये, जबकि कुछ लोग अस्पताल की भीड़ में छिप गये.
प्रशासनिक टीम ने अस्पताल परिसर में मौजूद संदिग्ध लोगों पर नजर रखी और विभिन्न स्थानों का निरीक्षण किया.
लेबर रूम, इमरजेंसी और मुख्य गेट का किया निरीक्षण
एसडीएम ने अस्पताल पहुंचकर लेबर रूम, इमरजेंसी वार्ड और मुख्य गेट के आसपास की स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने वहां मौजूद लोगों से पूछताछ की. मरीजों के परिजनों से भी जानकारी ली गयी कि क्या किसी व्यक्ति ने उन्हें निजी अस्पताल या नर्सिंग होम में इलाज कराने के लिए संपर्क किया है.
अस्पताल परिसर में अनधिकृत रूप से घूम रहे लोगों और मरीजों के बीच उनकी गतिविधियों को लेकर भी जानकारी जुटाई गयी.
दलालों पर पूरी तरह रोक लगाने का निर्देश
एसडीएम अनिकेत कुमार ने बताया कि सदर अस्पताल में दलालों के सक्रिय होने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं. शनिवार को मिली पुख्ता सूचना के आधार पर छापेमारी की गयी, लेकिन प्रशासनिक टीम के पहुंचने से पहले ही कथित दलाल फरार हो चुके थे.
उन्होंने कहा कि सदर अस्पताल में दलालों की गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगायी जाएगी. दोबारा ऐसी शिकायत मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
अस्पताल प्रबंधन को निगरानी बढ़ाने का निर्देश
एसडीएम ने अस्पताल प्रबंधन को भी निगरानी व्यवस्था मजबूत करने का निर्देश दिया. उन्होंने अनजान और अनधिकृत लोगों के अस्पताल परिसर में प्रवेश पर रोक लगाने तथा मरीजों और उनके परिजनों पर नजर रखने को कहा.
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद अब अस्पताल परिसर में दलालों की गतिविधियों पर रोक लगाने और मरीजों के परिजनों को निजी नर्सिंग होम में ले जाने की शिकायतों पर निगरानी बढ़ने की उम्मीद है.
