किशनगंज से गौरव कुमार की रिपोर्ट
Kishanganj Police Reshuffle: बिहार के सीमावर्ती जिले किशनगंज की पुलिसिंग व्यवस्था को नई ऊर्जा और रणनीति देने के लिए पुलिस महकमे में एक बड़ा सांगठनिक फेरबदल किया गया है. पुलिस अधीक्षक (एसपी) संतोष कुमार ने जिले में अपराध नियंत्रण और आम जनता की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए व्यापक स्तर पर पुलिस निरीक्षकों (Inspectors) और पुलिस अवर निरीक्षकों (Sub-Inspectors) का तबादला व नया पदस्थापन आदेश जारी किया है. इस कड़े प्रशासनिक कदम के बाद जिला मुख्यालय से लेकर सुदूर ग्रामीण इलाकों के थानों और पुलिस अंचलों की सूरत पूरी तरह बदल गई है.
थानों की कमान बदली; इन तीन अधिकारियों को मिली मुख्य जिम्मेदारी
एसपी द्वारा जारी आधिकारिक सूची के अनुसार, जिले के सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण थानों में नए कप्तानों की नियुक्ति की गई है, जिसका मुख्य विवरण निम्नलिखित बिंदुओं में है:
- टाउन थाना किशनगंज: तेजतर्रार पुलिस निरीक्षक मुकेश कुमार को जिला मुख्यालय के सबसे मुख्य ‘किशनगंज थाना’ की जिम्मेदारी सौंपते हुए नया थानाध्यक्ष बनाया गया है.
- कोचाधामन थाना: पुलिस पदाधिकारी इजहार आलम को कोचाधामन थाने का नया थानाध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जिन पर ग्रामीण पुलिसिंग को मजबूत करने का जिम्मा होगा.
- टेढ़ागाछ थाना: भारत-नेपाल सीमा से सटे सामरिक रूप से महत्वपूर्ण टेढ़ागाछ थाने की कमान दिलशाद खान को सौंपी गई है.
बहादुरगंज और सदर अंचल निरीक्षक भी बदले; देखें पूरी सूची
खाली पदों को भरने की कवायद: इस फेरबदल में न केवल थानों के प्रभारी बदले गए हैं, बल्कि सुपरवाइजरी लेवल पर भी बड़ा बदलाव किया गया है. ‘बहादुरगंज अंचल’ और ‘सदर अंचल’ में नए अंचल पुलिस निरीक्षकों (Circle Inspectors) की तैनाती की गई है, ताकि अधीनस्थ थानों की मॉनिटरिंग कड़क की जा सके.
| प्रभावित पुलिस इकाई / थाना | नए पदस्थापित पुलिस पदाधिकारी | मुख्य प्रशासनिक एजेंडा व चुनौती |
| किशनगंज टाउन थाना | पु.नि. मुकेश कुमार | शहरी क्षेत्र में विधि-व्यवस्था बनाए रखना और पेंडिंग केसों का निपटारा. |
| कोचाधामन थाना | इजहार आलम | सांप्रदायिक सौहार्द और स्थानीय अपराध पर कड़ा नियंत्रण. |
| टेढ़ागाछ थाना | दिलशाद खान | सीमावर्ती इलाकों में गश्त बढ़ाना और अवैध तस्करी रोकना. |
| बहादुरगंज व सदर अंचल | नए अंचल पुलिस निरीक्षक (सर्किल इंस्पेक्टर) | थानों के कामकाज की कड़ाई से समीक्षा और केस डायरी अपडेट कराना. |
| पिकेट एवं अन्य पुलिस चौकियां | विभिन्न पुलिस अवर निरीक्षक (SIs) | ग्राउंड जीरो पर पुलिस की विजिबिलिटी और गश्त (पेट्रोलिंग) को तेज करना. |
2 वर्ष का कार्यकाल पूरा होने और रिक्त पदों को भरने के लिए हुआ कड़ा एक्शन
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस सामूहिक तबादले के पीछे दो मुख्य वजहें हैं. पहली यह कि कई पुलिस अधिकारी जिले के विभिन्न थानों में अपनी निर्धारित दो वर्ष की कार्यावधि (टैन्योर) पूरी कर चुके थे, जिसके तहत नियमानुसार उनका ट्रांसफर तय था. दूसरी मुख्य वजह यह थी कि जिले की कई महत्वपूर्ण पुलिस इकाइयों में पद लंबे समय से रिक्त (खाली) चल रहे थे, जिससे पुलिसिंग की रफ्तार धीमी पड़ रही थी.
अब एक साथ पूरी नई टीम तैयार होने से पुलिस मुख्यालय को उम्मीद है कि जिले में विधि-व्यवस्था को एक नया आयाम मिलेगा. इस बड़े फेरबदल के बाद अब आम जनता और जिला प्रशासन की निगाहें सीधे नए पदाधिकारियों की कार्यशैली पर टिक गई हैं. नए अधिकारियों के सामने पदभार ग्रहण करते ही शराबबंदी कानून को कड़ाई से लागू करने, बाइक चोरी व छिनतई जैसी वारदातों को रोकने और थानों में आने वाले फरियादियों को न्याय दिलाने की कड़क चुनौती होगी.
