सीमांचल और उत्तर बंगाल के यात्रियों को अब भी कनेक्टिंग फ्लाइट का सहारा, समय और खर्च बढ़ने से परेशानी
ठाकुरगंज (किशनगंज) से बच्छराज नखत की रिपोर्ट:
Kishanganj news: उत्तर बंगाल और सीमांचल क्षेत्र के लिए हवाई संपर्क का प्रमुख केंद्र बने बागडोगरा हवाई अड्डे से राजस्थान की राजधानी जयपुर के लिए सीधी विमान सेवा शुरू करने की मांग तेज हो गई है. पर्यटन, शिक्षा, व्यापार, चिकित्सा और रोजगार के सिलसिले में हर वर्ष हजारों लोग जयपुर की यात्रा करते हैं, लेकिन आज भी उन्हें दिल्ली, कोलकाता, मुंबई या अहमदाबाद जैसे शहरों में विमान बदलकर जाना पड़ता है. यात्रियों का कहना है कि जब बागडोगरा से देश के कई बड़े महानगरों के लिए नियमित उड़ानें संचालित हो रही हैं, तब जयपुर जैसे महत्वपूर्ण शहर के लिए सीधी सेवा का अभाव यात्रियों के लिए बड़ी समस्या बना हुआ है.
किशनगंज, ठाकुरगंज, बहादुरगंज, टेढ़ागाछ, कोचाधामन, पूर्णिया, कटिहार, अररिया, दार्जिलिंग, कालिम्पोंग और सिलीगुड़ी क्षेत्र के बड़ी संख्या में लोग शिक्षा, व्यवसाय, पर्यटन, धार्मिक यात्राओं तथा पारिवारिक कार्यों के लिए राजस्थान की यात्रा करते हैं. जयपुर देश के प्रमुख पर्यटन, शैक्षणिक और व्यावसायिक केंद्रों में शामिल है. इसके बावजूद यात्रियों को 6 से 10 घंटे तक की लंबी यात्रा करनी पड़ती है, जबकि सीधी उड़ान उपलब्ध होने पर यह दूरी दो से ढाई घंटे में पूरी की जा सकती है.
सीमांचल के यात्रियों की पहली पसंद बना हुआ है बागडोगरा
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि पूर्णिया हवाई अड्डे से भविष्य में उड़ान सेवाएं शुरू होने के बाद भी किशनगंज जिले के अधिकांश यात्रियों के लिए बागडोगरा सबसे सुविधाजनक हवाई अड्डा बना रहेगा. इसकी प्रमुख वजह वर्षों से विकसित यातायात नेटवर्क, पर्याप्त उड़ान विकल्प और विभिन्न एयरलाइंस की उपलब्धता है.
किशनगंज से बागडोगरा की दूरी अपेक्षाकृत कम है और राष्ट्रीय राजमार्ग के माध्यम से यात्री दो से ढाई घंटे में हवाई अड्डे तक पहुंच जाते हैं. वहीं बागडोगरा से दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद, कोलकाता और गुवाहाटी सहित कई प्रमुख शहरों के लिए प्रतिदिन उड़ानें उपलब्ध हैं. यही कारण है कि सीमांचल के अधिकांश यात्री अपनी हवाई यात्रा के लिए बागडोगरा को प्राथमिकता देते हैं.
शिक्षा और रोजगार के कारण बढ़ा आवागमन
पिछले कुछ वर्षों में राजस्थान, विशेषकर जयपुर में उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, इंजीनियरिंग, मेडिकल शिक्षा और निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़े हैं. सीमांचल और उत्तर बंगाल के अनेक विद्यार्थी जयपुर के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में अध्ययन कर रहे हैं. इसके अलावा व्यापारिक गतिविधियों के कारण भी दोनों क्षेत्रों के बीच यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि जयपुर के लिए सीधी उड़ान शुरू होने से विद्यार्थियों, व्यापारियों, नौकरीपेशा लोगों और पर्यटकों को बड़ी राहत मिलेगी. इससे समय और धन दोनों की बचत होगी.
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि बागडोगरा-जयपुर सीधी उड़ान केवल यात्रियों की सुविधा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पर्यटन क्षेत्र को भी नया प्रोत्साहन मिलेगा. एक ओर राजस्थान के पर्यटक दार्जिलिंग, सिक्किम और डुआर्स तक आसानी से पहुंच सकेंगे, वहीं उत्तर बंगाल और सीमांचल के लोग जयपुर, उदयपुर, जोधपुर और जैसलमेर जैसे पर्यटन स्थलों तक सीधे पहुंच पाएंगे.
नए टर्मिनल से बढ़ी उम्मीदें
बागडोगरा हवाई अड्डे के विस्तार और नए टर्मिनल परियोजना के बाद यात्रियों को उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में कई नए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय रूट शुरू किए जाएंगे. स्थानीय संगठनों का मानना है कि जयपुर, लखनऊ, पुणे और अहमदाबाद जैसे शहरों के लिए सीधी उड़ानें शुरू करना समय की मांग है.
जनप्रतिनिधियों से पहल की मांग
यात्रियों और सामाजिक संगठनों ने केंद्र सरकार, नागरिक उड्डयन मंत्रालय तथा एयरलाइंस कंपनियों से इस दिशा में पहल करने की मांग की है. उनका कहना है कि सीमांचल और उत्तर बंगाल की संयुक्त आबादी करोड़ों में है तथा हवाई यात्रा करने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है. ऐसे में जयपुर के लिए सीधी विमान सेवा शुरू करना व्यावसायिक दृष्टि से भी लाभकारी साबित हो सकता है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस प्रकार बागडोगरा से देश के अन्य प्रमुख शहरों के लिए उड़ानें सफलतापूर्वक संचालित हो रही हैं, उसी तरह जयपुर रूट भी यात्रियों से भरपूर रहेगा. अब देखना यह है कि एयरलाइंस कंपनियां और संबंधित एजेंसियां इस मांग पर कब तक सकारात्मक निर्णय लेती हैं.
