किशनगंज से गौरव कुमार की रिपोर्ट
Kishanganj Monsoon: बिहार के प्रवेश द्वार और सर्वाधिक वर्षा वाले सीमावर्ती किशनगंज जिले के नागरिकों के लिए उमस भरी गर्मी से कड़क राहत की खबर है. बुधवार की अहले सुबह आसमान में अचानक छाए घने काले बादलों के बीच पूरे जिले में मूसलाधार बारिश शुरू हो गई, जिससे मौसम का मिजाज पूरी तरह सुहाना हो गया है. पिछले कई हफ्तों से चिलचिलाती धूप और कड़क उमस झेल रहे लोगों ने वातावरण में घुली इस ठंडक के बाद चैन की सांस ली है. हालांकि, मानसून की इस पहली भारी बारिश ने नगर प्रशासन के जलनिकासी (ड्रेनेज सिस्टम) के दावों की पोल खोलकर रख दी है, जिससे राहगीरों को कड़े जलजमाव का सामना करना पड़ रहा है.
सभी 7 प्रखंडों में झमाझम बरसे बदरा; थमी रही सड़कों पर रफ्तार
- इन इलाकों में हुई कड़क बारिश: जिले के सुदूर ग्रामीण और शहरी अंचलों समेत ठाकुरगंज, बहादुरगंज, पोठिया, टेढ़ागाछ, दिघलबैंक, कोचाधामन और किशनगंज नगर क्षेत्र में रिकॉर्ड वर्षा दर्ज की गई है.
- देर से खुले बाजार: सुबह के समय बारिश की कड़क रफ्तार को देखते हुए सड़कों पर वाहनों की आवाजाही बेहद कम रही. रोजमर्रा के काम से निकलने वाले लोग घरों में दुबके रहे, जिसके कारण व्यावसायिक मंडियां और बाजार आम दिनों की अपेक्षा काफी देर से खुले.
किसानों के लिए ‘अमृत’ बनी वर्षा; धान की रोपनी को मिलेगी रफ्तार
कृषि क्षेत्र में छाई रौनक: सीमांचल के किसानों के लिए मानसून की यह पहली मूसलाधार बारिश किसी दैवीय सौगात से कम नहीं है. कड़कती धूप के कारण सूख रहे खेतों को इस पानी से नया जीवन मिला है.
स्थानीय प्रगतिशील किसानों ने बताया कि इस बारिश से खेतों में कड़क नमी आएगी, जो खरीफ सीजन की मुख्य फसल धान का बिचड़ा (नर्सरी) डालने और खेतों की जुताई के लिए बेहद अनुकूल है. ग्रामीण इलाकों में किसानों ने हल-ट्रैक्टर लेकर खेतों का रुख करना शुरू कर दिया है.
पहली ही बारिश में डूबीं नगर की सड़कें; ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह फेल
| प्रभावित मुख्य क्षेत्र व सड़कें | उत्पन्न हुई मुख्य प्रशासनिक समस्या | आम नागरिकों को हुई कड़क परेशानी |
| किशनगंज नगर परिषद क्षेत्र (मुख्य बाजार व गलियां) | * नालों की समय पर उड़ाही न होना * जलनिकासी का सुस्त तंत्र | सड़कों पर 1 से 2 फीट तक गंदा पानी जमा, दुकानें प्रभावित. |
| डायवर्टेड व ग्रामीण मार्ग | जलजमाव के कारण गड्ढों का न दिखना | दोपहिया और पैदल राहगीरों को गंदे पानी के बीच से गुजरने की कड़क मजबूरी. |
बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी; मौसम विभाग का ‘येलो अलर्ट’
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, बंगाल की खाड़ी (Bay of Bengal) से आने वाली अत्यधिक नमी और उत्तर-पूर्वी बिहार में सक्रिय कड़क चक्रवाती परिसंचरण प्रणाली के कारण जिले में बादलों का डेरा अगले 48 से 72 घंटों तक कड़ाई से बना रहेगा. मौसम विभाग ने किशनगंज जिले के लिए ‘येलो अलर्ट’ (Yellow Alert) जारी करते हुए चेतावनी दी है कि:
- वज्रपात की आशंका: अगले कुछ दिनों तक गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा जारी रहेगी, अतः आकाशीय बिजली (ठनका) को लेकर लोग पूरी तरह मुस्तैद रहें.
- सुरक्षा निर्देश: खराब मौसम और कड़क बिजली चमकने के दौरान कोई भी नागरिक, विशेषकर किसान भाई खुले खेतों, बड़े पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें.
इस बीच, आक्रोशित स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने जिला पदाधिकारी (DM) और नगर आयुक्त से पुरजोर मांग की है कि बरसात का सीजन पूरी तरह गति पकड़े, उससे पहले आपातकालीन स्तर पर पोकलेन मशीनों के जरिए शहर के बड़े नालों की कड़ाई से सफाई कराई जाए, ताकि आम जनजीवन को नरक बनने से बचाया जा सके.
