किशनगंज मंडी में मक्का में गिरावट से किसान चिंतित, चावल और दलहन में मिला मिला असर

Kishanganj Mandi Today: किशनगंज मंडी में आज सुबह से ही भारी भीड़ देखने को मिली, लेकिन मक्का के दाम में गिरावट ने किसानों की चिंता बढ़ा दी. वहीं चावल बाजार में तेजी का रुख बना हुआ है.

Kishanganj Mandi Today: किशनगंज. जिले की मंडी में आज किसानों, व्यापारियों और खरीददारों की सक्रियता सुबह से ही बनी रही. लेकिन बाजार में सबसे ज्यादा चर्चा मक्का के दाम में आई गिरावट को लेकर रही, जिससे किसान वर्ग में असंतोष देखा गया. दूसरी ओर चावल और कुछ दलहन उत्पादों के दाम में हल्की तेजी दर्ज की गयी, जिससे बाजार में मिला-जुला रुख बना रहा.

मक्का की गिरावट से किसानों पर असर

मंडी में मक्का का भाव 1910 से 2000 रुपये प्रति क्विंटल के बीच रहा. लगातार गिरावट के कारण किसानों के चेहरे पर चिंता साफ दिखी. व्यापारियों का कहना है कि आवक अधिक होने और मांग अपेक्षाकृत कम रहने से कीमतों पर दबाव बना हुआ है.

चावल बाजार में दिखी मजबूती

चावल की विभिन्न किस्मों में हल्की तेजी देखी गयी. मंसूरी चावल 3100 से 3300 रुपये, अरवा मोटा 2925 से 3000 रुपये और बासमती चावल 11500 से 12000 रुपये प्रति क्विंटल के बीच रहा. बाजार में मांग बनी रहने से चावल के भाव स्थिर से मजबूत दिखाई दिए.

दलहन और तिलहन में मिला-जुला कारोबार

दलहन बाजार में मसूर 5350 से 6650 रुपये, मूंग 9400 से 9525 रुपये और अरहर 11600 से 15500 रुपये प्रति क्विंटल के बीच रही. चना और गोटा चना के दाम भी सीमित दायरे में रहे.

तिलहन में सरसों काला 6775 से 7125 रुपये और पीला सरसों 7425 से 7600 रुपये प्रति क्विंटल के बीच दर्ज किया गया. सरसों तेल 15 लीटर का भाव 2070 से 2470 रुपये के बीच रहा.

सब्जी बाजार में भी दिखा उतार-चढ़ाव

आलू और प्याज के दाम में भी हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिला. आलू 1250 से 1425 रुपये और प्याज 1850 से 1975 रुपये प्रति क्विंटल के बीच बिकता रहा. व्यापारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में आवक और मांग के अनुसार बाजार में बदलाव जारी रह सकता है.

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लेखक के बारे में

Published by: Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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