किशनगंज, पहाड़कट्टा. पोठिया प्रखंड के कोल्था पंचायत अंतर्गत सिंघीमारी गांव में बिहार सरकार की जमीन को लेकर शुक्रवार को आदिवासी और शेरशाहवादी समुदाय के बीच तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गयी. जमीन पर दखल-कब्जे और जोत-आबाद को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गये. इस दौरान तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बनी रही. सूचना मिलते ही प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया. मामले की गंभीरता को देखते हुए विवादित क्षेत्र में बीएनएस की धारा 163 लागू कर दी गयी है.
202 एकड़ 93 डिसमिल सरकारी जमीन को लेकर विवाद
बताया जाता है कि पोठिया अंचल के मौजा रसियाडांगी, थाना नंबर-168, खाता संख्या-132 तथा खेसरा संख्या 195, 196, 197, 224 और 225 की गैर-मजरुआ बिहार सरकार की जमीन को लेकर विवाद बढ़ा है. संबंधित सरकारी भूमि का कुल रकबा 202 एकड़ 93 डिसमिल बताया गया है. दोनों पक्षों का दावा है कि वे लंबे समय से उक्त जमीन पर जोत-आबाद और खेती करते आ रहे हैं. जमीन के बंटवारे और दखल-कब्जे को लेकर विवाद बढ़ने के बाद दोनों समुदायों के बीच तनाव की स्थिति बनी.
तीर-धनुष के साथ जमीन पर पहुंचे आदिवासी समुदाय के लोग
स्थिति उस समय और गंभीर हो गयी जब आदिवासी समुदाय के कुछ लोग पारंपरिक हथियार तीर-धनुष के साथ विवादित जमीन पर पहुंच गये. इसके बाद मौके पर हंगामा बढ़ गया. स्थिति की जानकारी मिलते ही प्रशासन ने तत्काल हस्तक्षेप किया और बड़ी संख्या में पुलिस बल को मौके पर भेजा.
एसडीपीओ, सीओ समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल पहुंचा
मौके पर एसडीपीओ-2 मनोज कुमार, सीओ मोहित राज, सर्किल इंस्पेक्टर पंकज कुमार पंथ, पहाड़कट्टा थानाध्यक्ष फुलेंद्र कुमार, अर्राबाड़ी थानाध्यक्ष कनक लता, छत्तरगाछ पुलिस कैंप प्रभारी शैलेश कुमार, आरओ मनोज चौधरी सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल पहुंचे. अधिकारियों ने दोनों पक्षों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया. एआईएमआईएम जिला अध्यक्ष सह अधिवक्ता शम्स आगाज भी घटनास्थल पर मौजूद थे.
सरकारी जमीन पर किसी व्यक्ति विशेष का अधिकार नहीं : सीओ
अंचलाधिकारी मोहित राज ने दोनों पक्षों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि यदि जमीन सरकारी है तो वर्तमान में उस पर किसी व्यक्ति विशेष का अधिकार नहीं हो सकता. उन्होंने कहा कि उक्त भूमि बिहार सरकार की संपत्ति है और इसकी देखभाल की जिम्मेदारी अंचल कार्यालय की है. सीओ ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति भूमिहीन है अथवा सरकारी बंदोबस्ती के लिए पात्र है तो उसके दावे की जांच कर नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी.
डोंक नदी के कोर क्षेत्र में बसाने की अनुमति नहीं
सीओ मोहित राज ने बताया कि विवादित भूमि डोंक नदी के किनारे स्थित है. नदी के कोर क्षेत्र में किसी व्यक्ति को बसाने की अनुमति नहीं दी जा सकती है. प्रशासन ने फिलहाल उक्त भूमि पर जोत-आबाद करने के साथ किसी भी प्रकार के कच्चे या पक्के निर्माण पर रोक लगा दी है.
दोनों पक्षों को दी गयी कार्रवाई की चेतावनी
प्रशासन ने दोनों पक्षों को चेतावनी दी है कि कोई भी व्यक्ति नियमों का उल्लंघन कर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल विवादित क्षेत्र में बीएनएस की धारा 163 लागू रहने के कारण लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की विवादित गतिविधि से दूर रहने की अपील की गयी है.
पांच-पांच प्रतिनिधियों के साथ बैठक का निर्देश
सीओ मोहित राज ने छत्तरगाछ पुलिस कैंप प्रभारी शैलेश कुमार को दोनों पक्षों के पांच-पांच प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर समस्या के समाधान की दिशा में पहल करने का निर्देश दिया है. प्रशासन के अनुसार विवाद का अंतिम निर्णय अंचल कार्यालय में होने वाली बैठक और भूमि संबंधी जांच के बाद लिया जाएगा.
जमीन की जांच के बाद होगा अंतिम फैसला
फिलहाल प्रशासन ने विवादित जमीन पर किसी भी प्रकार की गतिविधि पर रोक लगाते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया है. भूमि के स्वामित्व, दखल और बंदोबस्ती से जुड़े दावों की जांच के बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा. प्रशासन ने दोनों समुदायों से आपसी शांति बनाए रखने और किसी भी तरह के विवाद से बचने की अपील की है.
