Kishanganj News : किशनगंज. पंचायत स्तर पर विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, जनप्रतिनिधियों की भूमिका और ग्रामीण विकास से जुड़े प्रावधानों की जानकारी देने के उद्देश्य से शनिवार को किशनगंज में जिला स्तरीय पंच सम्मेलन आयोजित किया गया. सम्राट अशोक भवन, खगड़ा में आयोजित इस सम्मेलन में त्रिस्तरीय पंचायतीराज संस्थाओं के जनप्रतिनिधि, संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल हुए.
कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी नवीन कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया. सम्मेलन के दौरान जिस पहल को कार्यक्रम में "विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम, 2025" के रूप में संबोधित किया गया, उससे जुड़े प्रावधानों, पंचायतों की जिम्मेदारियों और स्थानीय स्तर पर इसके क्रियान्वयन पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया. आयोजन का मुख्य उद्देश्य पंचायत प्रतिनिधियों को योजनाओं की प्रक्रिया, कार्यान्वयन और सहभागी विकास की अवधारणा से जोड़ना था.
डीएम ने पंचायतों की भूमिका को बताया महत्वपूर्ण
सम्मेलन की शुरुआत में जिलाधिकारी नवीन कुमार ने कहा कि ग्रामीण विकास योजनाओं की सफलता काफी हद तक पंचायत स्तर पर जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी पर निर्भर करती है. उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से अपील की कि वे विकास योजनाओं को केवल प्रशासनिक प्रक्रिया न मानें, बल्कि गांवों के सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन के अवसर के रूप में देखें.
उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार झा ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए सम्मेलन के उद्देश्य और महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर बेहतर समझ और समन्वय से योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से ग्रामीण परिवारों तक पहुंचाया जा सकता है.
तकनीकी सत्रों में अधिनियम और पंचायत योजनाओं पर चर्चा
सम्मेलन के प्रथम तकनीकी सत्र में "विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम, 2025" तक की यात्रा और उसके प्रमुख प्रावधानों का अवलोकन प्रस्तुत किया गया. इसके बाद विस्तृत प्रस्तुतीकरण के माध्यम से प्रतिभागियों को अधिनियम के विभिन्न पहलुओं और उसके संभावित क्रियान्वयन से संबंधित जानकारी दी गई.
दोपहर के सत्र में "समृद्ध, सम्पन्न एवं स्वावलंबी पंचायत के लिए विकसित ग्राम पंचायत योजना" विषय पर चर्चा हुई. इस दौरान पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने, स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग, आधारभूत संरचना के विकास और विभिन्न योजनाओं के समन्वित क्रियान्वयन पर विचार-विमर्श किया गया.
ग्राम पंचायत प्रधानों की भूमिका पर विशेष सत्र
सम्मेलन का एक महत्वपूर्ण सत्र ग्राम पंचायत प्रधानों और मुखियाओं की भूमिका पर केंद्रित रहा. इसमें पंचायत स्तर पर नेतृत्व, जनभागीदारी, जवाबदेही और विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा की गई.
अधिकारियों ने बताया कि पंचायत स्तर पर योजनाओं की सफलता के लिए स्थानीय प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी, पारदर्शिता और सामुदायिक सहयोग आवश्यक है. इसी उद्देश्य से प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रमों को और मजबूत करने पर भी जोर दिया गया.
Kishanganj News : प्रखंडवार प्रस्तुतीकरण में सामने आए स्थानीय सुझाव
सम्मेलन के अंतिम तकनीकी चरण में विभिन्न प्रखंडों के ग्राम प्रधानों और मुखियाओं ने अपने-अपने क्षेत्रों का प्रस्तुतीकरण दिया. इसमें स्थानीय स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन की संभावनाएं, चुनौतियां और आवश्यक सुधारों से जुड़े सुझाव साझा किए गए.
प्रतिभागियों के अनुभवों और सुझावों पर अधिकारियों ने चर्चा की और कहा कि स्थानीय स्तर से मिलने वाले सुझाव ग्रामीण विकास योजनाओं को अधिक व्यावहारिक और प्रभावी बनाने में सहायक हो सकते हैं.
पंचायत स्तर पर बेहतर समझ विकसित करने की पहल
सम्मेलन के समापन सत्र में अधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों का उद्देश्य पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित कर्मियों में योजनाओं के प्रति बेहतर समझ विकसित करना है, ताकि विकास योजनाओं का सहभागी, पारदर्शी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके.
धन्यवाद ज्ञापन और समापन संबोधन के साथ सम्मेलन का समापन हुआ. प्रशासन ने उम्मीद जताई कि ऐसे प्रशिक्षण और संवाद कार्यक्रम पंचायत स्तर पर विकास योजनाओं के बेहतर संचालन और ग्रामीण क्षेत्रों में जनभागीदारी को मजबूत करेंगे.
