किशनगंज से राहुल कुमार की रिपोर्ट
kishanganj checkpost: पूर्ण शराबबंदी कानून को कड़ाई से धरातल पर उतारने के लिए किशनगंज जिले का उत्पाद विभाग इन दिनों पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है. सीमावर्ती इलाकों में शराब तस्करों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए विभाग द्वारा लगातार सघन छापेमारी और विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है. इसी कड़ी में उत्पाद विभाग की मुस्तैद टीम को भारत-नेपाल और बंगाल सीमा से सटे गलगलिया चेक पोस्ट पर एक बार फिर बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर नाकेबंदी करते हुए एक लग्जरी कार से भारी मात्रा में अवैध विदेशी शराब बरामद की है और मौके से मुजफ्फरपुर के एक शातिर तस्कर को दबोचा है.
गुप्त सूचना पर बिछाया गया जाल और फेल हुआ माफिया का प्लान
उत्पाद विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को एक पुख्ता इनपुट मिला कि पश्चिम बंगाल के रास्ते शराब की एक बहुत बड़ी खेप को बिहार की सीमा में खपाने के इरादे से ले जाया जा रहा है. सूचना मिलते ही विभाग ने बिना वक्त गंवाए गलगलिया चेक पोस्ट पर तैनात सहायक अवर निरीक्षक अभिमन्यु कुमार सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया. टीम ने तत्काल प्रभाव से चेक पोस्ट पर आने-जाने वाले हर छोटे-बड़े वाहन की कड़ाई से तलाशी शुरू कर दी. इसी दौरान बंगाल की दिशा से आ रही एक संदिग्ध कार को जब टीम ने रुकने का इशारा किया, तो चालक सकपका गया. अधिकारियों ने जब कार के भीतर छिपे तहखानों की सघन जांच की, तो उसमें से कुल 204 लीटर अवैध विदेशी शराब की बोतलें बरामद हुईं.
मुजफ्फरपुर का निकला मुख्य सरगना, अस्पताल से सीधे गया जेल
उत्पाद विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए न सिर्फ शराब की पूरी खेप को अपने कब्जे में लिया बल्कि तस्करी में इस्तेमाल हो रही कार को भी जब्त कर लिया. मौके से गिरफ्तार किए गए तस्कर की पहचान अरुण कुमार सिंह के रूप में हुई है, जो मुजफ्फरपुर जिले का रहने वाला है और लंबे समय से इस अवैध कारोबार से जुड़ा हुआ था. गिरफ्तारी के तुरंत बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत उत्पाद विभाग की टीम आरोपी को किशनगंज सदर अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों द्वारा उसका अनिवार्य स्वास्थ्य परीक्षण (मेडिकल चेकअप) कराया गया. इसके बाद मद्य निषेध और उत्पाद अधिनियम की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज करते हुए आरोपी तस्कर को न्यायिक हिरासत में सीधे जेल भेज दिया गया है.
सीमा पर बढ़ेगी चौकसी, शराब माफिया बख्शे नहीं जाएंगे
इस सफलता के बाद उत्पाद निरीक्षक मोहम्मद हैदर अली ने सख्त लहजे में कहा कि जिले में शराब माफियाओं और अवैध कारोबारियों के किसी भी मंसूबे को कभी कामयाब नहीं होने दिया जाएगा. उन्होंने साफ किया कि पश्चिम बंगाल की सीमा से सटे होने के कारण किशनगंज के सभी एंट्री पॉइंट्स और चेक पोस्टों पर सुरक्षा व्यवस्था को पहले से कई गुना अधिक कड़ा कर दिया गया है. अब हर संदिग्ध गतिविधि पर तीसरी आंख यानी सीसीटीवी कैमरों और खोजी कुत्तों के जरिए भी नजर रखी जा रही है ताकि आने वाले दिनों में तस्करी की हर कोशिश को नाकाम किया जा सके.
