ठाकुरगंज की जामनीगुड़ी-तबल भिट्ठा सड़क बनी 'तालाब', DLP अवधि में होने के बावजूद विभागीय लापरवाही पर ग्रामीणों में आक्रोश

भारत-नेपाल सीमा को जोड़ने वाली जामनीगुड़ी-तबल भिट्टा सड़क की बदहाल स्थिति ग्रामीणों के गुस्से का कारण बन गई है. लाखों के रखरखाव बजट और DLP अवधि के बावजूद सड़क पर बने गहरे गड्ढे मौत को दावत दे रहे हैं.

भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र को जोड़ने वाली ठाकुरगंज प्रखंड की महत्वपूर्ण जामनीगुड़ी–तबल भिट्ठा सड़क की जर्जर और बदहाल तस्वीरें ग्रामीण कार्य विभाग के अनुरक्षण (Maintenance) दावों की पोल खोल रही हैं. मुख्यमंत्री ग्रामीण पथ अनुरक्षण कार्यक्रम के तहत शामिल इस सड़क पर जगह-जगह इतने गहरे गड्ढे बन चुके हैं कि बारिश का पानी भरने से यह सड़क किसी तालाब जैसी नजर आती है. दैनिक यात्री और स्थानीय लोग अपनी जान जोखिम में डालकर इस मार्ग से गुजरने को मजबूर हैं.

बोर्ड पर दर्ज है 2029 तक मेंटेनेंस की गारंटी, फिर भी बदहाल

विभागीय सूचना बोर्ड के अनुसार, इस सड़क के रखरखाव की जिम्मेदारी पूरी तरह से संवेदक और एजेंसी की है:

  • डीएलपी पीरियड: यह सड़क 12 दिसंबर 2024 से 11 दिसंबर 2029 तक डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड (DLP) में है.
  • बजट का प्रावधान: लगभग 1.541 किलोमीटर लंबी इस सड़क के नियमित अनुरक्षण (मरम्मत, गड्ढा भराई और जलनिकासी) के लिए करीब ₹11.91 लाख का प्रावधान किया गया है.
  • लापरवाही: सरकारी कागजों और बोर्ड पर लाखों का मेंटेनेंस बजट स्वीकृत होने के बावजूद सड़क की स्थिति दिन-प्रतिदिन बदतर होती जा रही है.

भारत-नेपाल सीमा को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग

यह केवल एक सामान्य ग्रामीण रास्ता नहीं है, बल्कि आगे जाकर सीधे भारत-नेपाल सीमा की बॉर्डर रोड से जुड़ता है:

  • आवागमन में बाधा: आसपास के दर्जनों गांवों के ग्रामीण बाजार, स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और दैनिक कार्यों के लिए इसी मार्ग का उपयोग करते हैं.
  • हादसे का डर: गड्ढों में जलजमाव होने के कारण चालकों को सड़क की गहराई का अंदाजा नहीं मिल पाता, जिससे रोजाना दोपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं.

ग्रामीणों ने उठाई जांच और कार्रवाई की मांग

सड़क की नारकीय स्थिति से आक्रोशित स्थानीय ग्रामीणों—मंगलू, असिरुद्दीन, अजीजुर्रहमान, साईदुर्र रहमान, नदीम, हैबबूलाल टेली, कार्तिक आलम, मंगलू कर्मकार और बिजय कर्मकार ने बताया कि जब सड़क कानूनी रूप से मेंटेनेंस पीरियड में है, तो आखिर विभाग और ठेकेदार की जवाबदेही तय क्यों नहीं की जा रही?

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और ग्रामीण कार्य विभाग (RWD) से मांग की है कि:

  1. सड़क के गड्ढों की तुरंत भराई कराई जाए और जल निकासी की समुचित व्यवस्था हो.
  2. अनुरक्षण कार्य की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कर दोषी ठेकेदार व अभियंताओं पर कार्रवाई की जाए.

ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई, तो किसी दिन बड़ी दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता.


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लेखक के बारे में

By बच्छराज

बच्छराज प्रिंट माध्यम में 25 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. ठाकुरगंज (किशनगंज) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

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