जैन धर्म केवल पूजा नहीं, श्रेष्ठ जीवन जीने की कला : विशुद्ध मति माता

जैन धर्म में छोटे-छोटे नियम हैं, जिनका पालन जीवन को श्रेष्ठ बनाता है.

ठाकुरगंज ठाकुरगंज दिगंबर जैन मंदिर परिसर में आयोजित धर्मसभा में गणिनी आर्यिका रत्न 105 श्री विशुद्ध मति माताजी ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि जैन धर्म के नियमों का पालन करें, आचरण को अपनाएं तभी हम सच्चे जैनी कहलाएंगे. जैन धर्म में छोटे-छोटे नियम हैं, जिनका पालन जीवन को श्रेष्ठ बनाता है. उनके प्रवचन को सुनने के लिए बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालु, युवा एवं समाज के गणमान्य लोग उपस्थित थे. माताजी ने कहा कि जैन धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मनुष्य को संयम, सदाचार और आत्म अनुशासन के साथ जीवन जीने की कला सिखाता है. उन्होंने कहा कि धर्म का वास्तविक स्वरूप व्यक्ति के व्यवहार, वाणी और कर्मों में दिखाई देना चाहिए. केवल मंदिर जाना या धार्मिक आयोजन में शामिल होना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि जीवन में अहिंसा, सत्य, करुणा और संयम को अपनाना ही सच्ची धार्मिकता है. प्रवचन के दौरान उन्होंने जैन दर्शन के छह द्रव्यों जीव, अजीव, धर्म, अधर्म, आकाश और काल के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि इन सिद्धांतों को समझकर जीवन में अपनाने से आत्मकल्याण का मार्ग प्रशस्त होता है. मनुष्य यदि अपने दैनिक जीवन में छोटे-छोटे धार्मिक नियमों का पालन करे, तो परिवार और समाज दोनों में सकारात्मक परिवर्तन संभव है. माताजी ने कहा कि वर्तमान समय में लोग भौतिक सुख-सुविधाओं और दिखावे की ओर अधिक आकर्षित हो रहे हैं, जिससे धर्म और संस्कारों से दूरी बढ़ती जा रही है. ऐसे समय में बच्चों और युवाओं को धार्मिक एवं नैतिक मूल्यों से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है. यदि परिवार स्वयं धर्म और सदाचार को अपनाए, तो आने वाली पीढ़ी संस्कारित और अनुशासित बनेगी. धर्मसभा के दौरान मंदिर परिसर पूरी तरह भक्तिमय वातावरण से गूंजता रहा. श्रद्धालु शांतिपूर्वक प्रवचन सुनते रहे तथा कई लोग धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन एवं मंत्र जाप करते नजर आए. कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं द्वारा सामूहिक मंगल पाठ कर समाज एवं विश्व शांति की कामना की गई.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: AWADHESH KUMAR

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >