ठाकुरगंज स्टेशन पर बड़ा हादसा टला, आरपीएफ की सूझबूझ से यात्री की बची जान
प्रतिनिधि, किशनगंजठाकुरगंज रेलवे स्टेशन पर उस समय अफरा-तफरी मच गयी, जब एनजीपी से अमृतसर जाने वाली अमृत भारत एक्सप्रेस में चढ़ने के दौरान एक यात्री का पैर फिसल गया और वह चलती ट्रेन तथा प्लेटफॉर्म के बीच गिर पड़ा. कुछ क्षणों के लिए स्टेशन पर मौजूद यात्रियों की सांसें थम गयीं और स्थिति बेहद भयावह हो गयी. जानकारी के अनुसार सीतामढ़ी जिले के मदनपुर गांव निवासी मुकेश कुमार पासवान अपनी पत्नी और पुत्र के साथ अमृत भारत एक्सप्रेस से घर लौट रहे थे. सुबह करीब 10:33 बजे ट्रेन ठाकुरगंज स्टेशन पर पहुंची थी. भारी भीड़ के कारण उन्हें कोच में चढ़ने में कठिनाई हो रही थी. इसी दौरान ट्रेन ने धीरे-धीरे गति पकड़नी शुरू कर दी.
चलती ट्रेन में चढ़ने का प्रयास किया
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक हाथ में बैग लिए मुकेश कुमार ने चलती ट्रेन में चढ़ने का प्रयास किया, लेकिन अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वे ट्रेन तथा प्लेटफॉर्म के बीच की खतरनाक जगह में जा गिरे. घटना होते ही प्लेटफॉर्म पर चीख-पुकार मच गयी और यात्रियों में दहशत फैल गयी. घटना को देख रहे आरपीएफ के सब इंस्पेक्टर सुमन कुमार ने तुरंत स्थिति की गंभीरता को समझते हुए दौड़ लगायी और गार्ड को ट्रेन रोकने का संकेत दिया. कुछ ही क्षणों में ट्रेन को समय रहते रोक लिया गया. इसके बाद आरपीएफ के हेड कांस्टेबल चंद्र बहादुर कटवाल एवं अन्य रेलवे कर्मियों ने त्वरित बचाव अभियान चलाया और काफी सावधानी से यात्री को सुरक्षित बाहर निकाल लिया.
मौत की इस जंग में आखिरकार जीत जिंदगी की हुई
यात्री के सुरक्षित बाहर निकलते ही प्लेटफॉर्म पर राहत की लहर दौड़ गयी. मौजूद यात्रियों ने आरपीएफ जवानों की तत्परता और बहादुरी की सराहना की. लोगों का कहना था कि यदि कुछ सेकंड की भी देरी हो जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था. घटना के बाद मुकेश कुमार और उनके परिजन भावुक हो गये. उनकी पत्नी की आंखों से आंसू छलक पड़े और उन्होंने आरपीएफ टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय पर मिली मदद ने उनके परिवार को टूटने से बचा लिया. आरपीएफ अधिकारियों ने इस घटना के बाद यात्रियों से अपील की कि चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने का प्रयास न करें, क्योंकि यह जानलेवा साबित हो सकता है. उन्होंने कहा कि सतर्कता ही सुरक्षा है. ठाकुरगंज स्टेशन पर कुछ सेकंड तक चली जिंदगी और मौत की इस जंग में आखिरकार जीत जिंदगी की हुई और आरपीएफ की तत्परता ने एक बड़ा हादसा टाल दिया.
