पौआखाली का इकलौता हाईस्कूल खेल मैदान बना शौच का अड्डा

High School Ground: किशनगंज जिले के पौआखाली नगर पंचायत में स्वच्छता और ओडीएफ (खुले में शौच मुक्त) के सरकारी दावों को ठेंगा दिखाया जा रहा है. नगर का एकमात्र ऐतिहासिक हाईस्कूल खेल मैदान इन दिनों प्रशासनिक उदासीनता के कारण गंदगी और बदहाली का शिकार है, जिससे स्थानीय खिलाड़ियों और मॉर्निंग वॉक करने वालों में भारी आक्रोश है.

पौआखाली से रणविजय की रिपोर्ट

High School Ground: सरकार भले ही स्वच्छ भारत मिशन के तहत हर गांव और शहर को खुले में शौच से मुक्त (ODF) करने के लिए करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है. किशनगंज जिले के पौआखाली नगर पंचायत स्थित एकमात्र राजकीय हाईस्कूल का खेल मैदान इन दिनों घोर प्रशासनिक और स्कूल प्रबंधन की लापरवाही के कारण नारकीय स्थिति में तब्दील हो गया है. चहारदीवारी होने के बावजूद मुख्य द्वार (गेट) न होने के चलते शाम ढलते ही असामाजिक तत्व और स्थानीय लोग इस खेल मैदान का उपयोग शौच के लिए कर रहे हैं. इसके कारण सुबह-शाम यहां आने वाले खिलाड़ियों, बच्चों और बुजुर्गों का मैदान में रुकना भी दूभर हो गया है.

नगर का एकमात्र सार्वजनिक स्थल; दुर्गंध के कारण वॉक पर आना हुआ बंद

  • खिलाड़ियों का भविष्य दांव पर: यह मैदान पौआखाली नगर क्षेत्र का एकमात्र बड़ा सार्वजनिक स्थल है. यहां प्रतिदिन सुबह और शाम को दर्जनों स्थानीय युवा सेना, पुलिस बहाली और जिला स्तरीय क्रिकेट व फुटबॉल प्रतियोगिताओं के लिए कड़ा अभ्यास करते हैं. इसके अलावा, स्कूली बच्चों के वार्षिक खेलकूद और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी इसी मैदान में आयोजित होते हैं, जो अब गंदगी की वजह से प्रभावित हो रहे हैं.
  • बुजुर्गों और महिलाओं की बढ़ी परेशानी: स्वच्छ हवा और स्वास्थ्य लाभ के लिए रोजाना सुबह-शाम बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और वृद्ध वर्ग के लोग यहां मॉर्निंग और इवनिंग वॉक के लिए आते हैं. लेकिन मैदान के चारों तरफ फैली गंदगी और भीषण दुर्गंध (बदबू) के कारण लोगों ने अब यहाँ आना लगभग बंद कर दिया है.

आधी-अधूरी बाउंड्रीवॉल बनी मुख्य कारण; चहारदीवारी है पर मुख्य गेट गायब

सुरक्षा विहीन है मैदान: स्थानीय नागरिकों के अनुसार, इस खेल मैदान को सुरक्षित रखने के लिए प्रशासनिक स्तर पर चहारदीवारी (बाउंड्रीवॉल) का निर्माण कार्य काफी समय पहले ही पूरा कर लिया गया था. परंतु, योजना की किन्हीं कमियों के कारण आज तक मैदान के मुख्य प्रवेश और निकास द्वार पर लोहे का गेट नहीं लगाया जा सका. गेट नहीं होने के कारण यह मैदान पूरी तरह असुरक्षित है और रात के समय मवेशियों के साथ-साथ असामाजिक तत्वों का यहां डेरा जमा रहता है.

प्रशासन और स्कूल प्रबंधन से त्वरित कार्रवाई की मांग:

पौआखाली के प्रबुद्ध नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आक्रोशित युवा खिलाड़ियों ने हाईस्कूल प्रबंधन तथा नगर पंचायत प्रशासन से इस गंभीर जनसमस्या का अविलंब समाधान करने की पुरजोर मांग की है.

  1. मैदान के मुख्य प्रवेश द्वार पर तुरंत कड़क सुरक्षा वाला लोहे का गेट निर्मित कराया जाए.
  2. नगर पंचायत के सफाईकर्मियों के माध्यम से मैदान की नियमित रूप से साफ-सफाई और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव सुनिश्चित हो.
  3. मर्यादा तोड़ने वाले और खुले में शौच करने वालों को चिन्हित कर उन पर प्रशासनिक रोक व जुर्माना लगाया जाए.

खिलाड़ियों ने दो टूक शब्दों में कहा है कि यदि समय रहते प्रशासन ने इस महत्वपूर्ण खेल मैदान को बचाने के लिए आवश्यक कदम नहीं उठाए, तो नगर की इस इकलौती खेल धरोहर की उपयोगिता हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगी, जिसके खिलाफ वे लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने को बाध्य होंगे.

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लेखक के बारे में

Published by: Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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