किशनगंज से गौरव कुमार की रिपोर्ट
World Environment Day: पर्यावरण को प्रदूषण मुक्त बनाने और हरी-भरी धरती के संकल्प के साथ किशनगंज जिला मुख्यालय स्थित गुरुद्वारा साहिब परिसर में ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ उत्साहपूर्वक मनाया गया. इस अवसर पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बिहार राज्य अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष सरदार लखविंदर सिंह उर्फ लक्खा शामिल हुए. उन्होंने गुरुद्वारा साहिब के ज्ञानी सरदार सतविंदर सिंह और नन्हे-मुन्ने बच्चों के साथ मिलकर परिसर में विभिन्न प्रकार के छायादार और फलदार पौधे रोपे. इस दौरान पूरा परिसर ‘वाहेगुरु’ के सिमरन और प्रकृति की रक्षा के संकल्प से सराबोर नजर आया.
बच्चों ने लिया हर साल माता-पिता के साथ एक पौधा लगाने का प्रण
- बच्चों को सिखाया पर्यावरण का पाठ: उपाध्यक्ष सरदार लखविंदर सिंह ने उपस्थित छोटे बच्चों को बेहद सरल भाषा में विश्व पर्यावरण दिवस के मायने और इसके महत्व को समझाया.
- लिया सामूहिक संकल्प: उनकी प्रेरणा से प्रभावित होकर कार्यक्रम में मौजूद सभी बच्चों ने एक सुर में यह प्रण लिया कि वे हर वर्ष पर्यावरण दिवस के मौके पर अपने माता-पिता के साथ मिलकर कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएंगे और उसकी पूरी देखभाल भी करेंगे.
100 से अधिक देशों में जागरूकता की अलख; जीवन का मुख्य आधार है प्रकृति
अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष का संदेश: सरदार लखविंदर सिंह उर्फ लक्खा ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि प्रतिवर्ष 5 जून को दुनिया भर के 100 से भी अधिक देशों में यह दिवस मनाया जाता है. इसका एकमात्र और मुख्य उद्देश्य पर्यावरण की मौजूदा वैश्विक चुनौतियों और खतरों के प्रति मानव समाज में जागरूकता बढ़ाना है. उन्होंने आगे कहा, “पर्यावरण हमारे जीवन का मूल आधार है. यह हमें सांस लेने के लिए शुद्ध हवा, पीने के लिए स्वच्छ पानी, जीवन रक्षक भोजन और आश्रय प्रदान करता है. पृथ्वी पर पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) के संतुलन को बनाए रखने और जैव विविधता की रक्षा के लिए पेड़-पौधे अत्यंत आवश्यक हैं.”
कार्यक्रम के समापन पर गुरुद्वारा साहिब के ज्ञानी सरदार सतविंदर सिंह ने आए हुए सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया. अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष ने गुरुद्वारा प्रबंधन और समाज के प्रबुद्ध जनों से अपील की कि वे इस मुहिम को केवल एक दिन तक सीमित न रखें. उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम’ और ‘खुद भी वृक्ष लगाएं, दूसरों को भी प्रेरित करें’ के मंत्र को आत्मसात करते हुए समाज के हर वर्ग से आगे आने का आह्वान किया ताकि किशनगंज को और अधिक स्वच्छ, सुंदर और प्रदूषण मुक्त बनाया जा सके.
