सीमांचल के किशनगंज जिले अंतर्गत टेढ़ागाछ प्रखंड में बुनियादी ढांचे की बदहाली का बड़ा मामला सामने आया है. कालपीर पंचायत के पीपरा गांव के समीप गोरियाधर रेलवे पुल के पास बना कच्चा डायवर्सन बारिश व जलस्तर बढ़ने से अचानक ध्वस्त हो गया. डायवर्सन के टूट जाने से टेढ़ागाछ प्रखंड मुख्यालय से दर्जनों गांवों का सीधा संपर्क पूरी तरह कट गया है. अब स्थानीय ग्रामीणों, मरीजों और विद्यार्थियों को आवश्यक कार्यों के लिए करीब 12 किलोमीटर की लंबी और अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है, जिससे लोगों का समय और आर्थिक खर्च दोनों बढ़ गया है.
दर्जनों गांवों की आबादी प्रभावित, बढ़ी आवागमन की समस्या
गोरियाधर रेलवे पुल के पास बने डायवर्सन के बहने से ग्रामीण इलाकों पर बड़ा असर पड़ा है:
- सीधे प्रभावित इलाके: डायवर्सन टूटने से पूरे बीबीगंज पंचायत के अलावा पीपरा, बैसाटोली, गर्राटोली, काशीबारी, हाटगांव और आसपास के दर्जनों टोलों का संपर्क टूट चुका है.
- मरीजों और छात्रों की बढ़ी आफत: आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल ले जाने, गर्भवती महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाने और छात्र-छात्राओं के स्कूल-कॉलेज जाने में भारी बाधा आ रही है.
- व्यापार व खेती पर असर: स्थानीय किसान अपनी हरी सब्जियां और फसलें मंडी तक नहीं ले जा पा रहे हैं, वहीं रोजमर्रा की मजदूरी और छोटे व्यापारियों की आवाजाही ठप हो गई है.
आक्रोशित ग्रामीणों ने डीएम से लगाई गुहार
मार्ग अवरुद्ध होने से नाराज ग्रामीणों ने जिला प्रशासन व स्थानीय जनप्रतिनिधियों से तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है:
- ग्रामीणों का साझा बयान: स्थानीय नागरिक रजी अनवर, दानिश रब्बानी, अहसान आलम, नकी रजा, अनवर आलम, मुनाजिर आलम, इंतसाब आलम, तबरेज आलम, इंतखाब आलम, आमिर हमजा, नजर रब्बानी, फिरदौस आलम, नरेश मरांडी, दुर्गा मुर्मू, मेघराज कुमार मांझी एवं संतोष मांझी ने प्रशासन से जल्द से जल्द मजबूत डायवर्सन बनाने की अपील की है.
- स्थायी समाधान की मांग: ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बरसात में कच्चा डायवर्सन बह जाता है. ऐसे में जिला पदाधिकारी (DM) को मामले का संज्ञान लेकर यहां स्थायी पुलिया या पक्का वैकल्पिक मार्ग बनवाना चाहिए.
प्रशासनिक अनदेखी पर आक्रोश
स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य शुरू कर नया डायवर्सन तैयार नहीं कराया, तो आने वाले दिनों में हजारों की आबादी लंबे समय तक इस जल-संकट और कटे रास्तों के बीच अलग-थलग रहने को मजबूर हो जाएगी.
